वर्ष 2024 का अंतिम दिन यानि 31 दिसंबर की शाम और नए साल के स्वागत के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु बांकेबिहारी मंदिर पहुंच रहे हैं। विद्यापीठ चौराहा से लेकर बांके बिहारी मंदिर तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही।
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में वर्ष के आखिरी दिन मंगलवार को जन-जन के आराध्य बांके बिहारी महाराज के दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं उमड़ पड़े। जहां मंदिर दर्शनार्थियों से भर गया। वहीं मंदिर के बाहर मार्ग पर भक्तों की भारी भीड़ लगी रही। भीड़ के बीच बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं को सर्वाधिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
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सुबह से ही बड़ी संख्या श्रद्धालु ठा. बांके बिहारी मंदिर दर्शन करने के लिए पहुंचे। विद्यापीठ चौराहा से लेकर बांके बिहारी मंदिर तक श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। दाऊजी तिराहा से मंदिर के द्वार तक दर्शनार्थी कतार में लगे मंदिर तक पहुंचने का इंतजार करते देखे गए। भीड़ को नियंत्रित करने में जगह-जगह लगे पुलिसकर्मियों तैनात रहे। श्रद्धालु राधे-राधे की रटना और हाथ में प्रसाद लिए मंदिर खुलने का इंतजार कर रहे थे। मंदिर के पट खुलते ही श्रद्धालुओं ने जयकारों के बीच मंदिर में प्रवेश किया।
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मंदिर श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। भीड़ के दबाव के बीच श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य बांके बिहारी के दर्शन किए। हालांकि मंदिर के अंदर तैनात निजी गार्ड ने श्रद्धालुओं को दर्शन करते ही निकास द्वार की ओर बढ़ रहे थे। इसके बावजूद मंदिर में पैर रखने को जगह नहीं रही। भीड़ के दबाव और धक्का -मुक्की के बीच श्रद्धालुओं को मुश्किल दर्शन हो सके।
यही हाल शाम के समय बांके बिहारी के मंदिर के पट खुलने के बाद देखा गया। बांके बिहारी मंदिर के सेवायत मयंक गोस्वामी ने बताया कि नव वर्ष के अवसर ठाकुरजी के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए आ रहे हैं। इसी कारण मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक है। नए साल पर दो-तीन दिन और भीड़ रहेगी ।