बैंकों में कैश की किल्लत का एक सकारात्मक पहलू ये है कि अब कारोबारियों का रुख कैशलेस लेनदेन की ओर बढ़ रहा है। स्वाइप मशीन को लेकर कारोबारी बैंकों में बुकिंग करा रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में खाताधारक डेबिट कार्ड के लिए आवेदन कर रहे हैं।
बाजार में कैश की किल्लत से कारोबार ठप पड़ा हुआ है। नोटबंदी को एक माह से अधिक हो गया लेकिन अभी तक बैंकों से कैश नहीं निकल पा रहा है। मौके की नजाकत भांपकर कारोबारी अब कैशलेस लेन-देन की ओर बढ़ रहे हैं।
मिठाई कारोबारी रमन ने बताया कि नोटबंदी के बाद कारोबार पूरी तरह से चौपट हो गया है। ऐसे में अब स्वाइप मशीन ही एक उपाय बचा है इसके लिए वो भारतीय स्टेट बैंक से आवेदन पत्र ले आए हैं।
सराफा कारोबारी शैलेष अग्रवाल ने बताया कि नोटबंदी का सबसे ज्यादा असर सराफ व्यवसाय पर पड़ा है। अब कारोबारी स्वाइप मशीन लगा रहे हैं। कारोबारी राजकुमार गर्ग, नितिन अग्रवाल भी कैशलेस लेनदेन के लिए स्वाइप मशीन बुक करवा रहे हैं।
आसान है प्रक्रिया
स्वाइप मशीन के लिए आपका जिस बैंक में खाता है वहां आवेदन किया जाता है। इसमें फार्म के साथ ही एक एग्रीमेंट होता है। खाता लिंक करने के बाद संबंधित कंपनी को भेज दिया जाता है। इसके बाद कंपनी के एजेंट आपके प्रतिष्ठान पर आकर मशीन को लगा देते हैं।
नोटबंदी के बाद बड़ी संख्या में लोग स्वाइप मशीन की पूछताछ के लिए आ रहे हैं। इसके साथ ही खाताधारक एटीएम के लिए आवेदन कर रहे हैं। स्वाइप मशीन चार से पांच दिन में कारोबारियों के लिए लग जाती है।
-नवल किशोर अग्रवाल, मुख्य प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक मुख्य शाखा मथुरा