कोसीकलां। आगरा-दिल्ली राजमार्ग पर दुर्घटना रोकने और तेजगति से वाहन चलाया तो जुर्माना भरना पड़ेगा। इसके लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर दिल्ली से आगरा लगभग 200 किलोमीटर पर यात्रियों की सुरक्षा अग्रिम यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएमएस) रखेगी। 50 करोड़ की लागत से स्थापित की जाने वाली इस प्रणाली में प्रत्येक पांच किलोमीटर पर अल्ट्रा हाई रेजोल्यूशन वाले कैमरे और दो कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। अप्रैल 2025 में इसे पूरा करने का लक्ष्य है।
राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। अक्सर इसके लिए तेज रफ्तार वाहनों और मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहन जिम्मेदार होते हैं। नियमों का पालन कराने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए मथुरा, आगरा के प्रशासन की मांग पर इस एटीएमएस योजना को लाया जा रहा है। एटीएमएस के जरिए वाहनों का चालान किया जा सकेगा। साथ ही दुर्घटनाएं होने पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण इस परियोजना पर काम कर रहा है। नवंबर-2024 से इस पर कार्य शुरू कर दिया गया है। परियोजना के पहले चरण में ऑप्टिकल फाइबर लाइन डाली जा रही है। इसे दिल्ली से शुरू कर बदरपुर तक लाइन डाली जा चुकी है। इसके साथ ही दो स्थानों पर कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया जाएगा। पहला सेंटर 24 किलोमीटर और दूसरा केंद्र मथुरा के पास बनाया जाएगा। इसके अलावा प्रत्येक पांच किलोमीटर पर कैमरे लगाए जाएंगे। अप्रैल 2025 में इसे पूरा करने का लक्ष्य है। संवाद
दुर्घटना होने पर 8 मिनट में पहुंचेगी सहायता
राजमार्ग पर लगे अल्ट्रा हाई रेजोल्यूशन कैमरे से करीब एक किलोमीटर तक देखा जा सकेगा। साथ ही हाई स्पीड कैमरों से चालान किए जा सकेंगे। एटीएमएस के जरिए दुर्घटना होने पर छह से 8 मिनट के अंदर मौके पर सहायता पहुंचाने की योजना है। प्रत्येक 15 कैमरों को एक ऑपरेटर संचालित करेगा। कैमरे से लोकेशन लेकर एनएचएआई के ऑपरेटर मदद पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग की क्विक रिस्पांस व्हीकल टीम और एंबुलेंस को एक मिनट में सूचना देंगे। गाड़ियां खराब होने या दुर्घटना के लिए एनाएचएआई की रिस्पांस टीम व्हीकल राजमार्ग का निरीक्षण करेगी। साथ ही डिजिटल चालान हो सकेंगे।
छह माह तक रहेगी फुटेज
ऑप्टिकल फाइबर के जरिए जुड़े कैमरों से रियल टाइम फुटेज उपलब्ध होगी। यह फुटेज करीब छह माह तक रहेगी। राजमार्ग पर प्रत्येक पांच किलोमीटर पर हाई स्पीड कैमरे लगेंगे। इसकी नाइट रेंज 100 मीटर होगी। इसके अलावा प्रत्येक एक किलोमीटर पर पैन-टिल्ट जूम कैमरा लगेगा।
एटीएमएस सिस्टम रखेगा नजर
प्रत्येक 10 किलोमीटर के संभावित दुर्घटनाग्रस्त क्षेत्र में तेजगति या नियमों की अनदेखी करने पर नजर रखी जाएगी। एटीएमएस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग कर 14 तरह से होने वाली दुर्घटनाओं को चिह्नित किया जा सकता है। इसके अलावा 8 तरह से ई-चालान किए जाएंगे। कमांड सेंटर पर सिस्टम वीएमएस से लिंक रहने से ब्लैक स्पॉट क्षेत्र में एलईडी ब्लिंकर्स काम करेंगे। वहीं, स्मार्ट टीवी और कैमरे के माध्यम से ऑपरेटर के माध्यम से कमांड सेंटर पर काम किया जाएगा।
50 करोड़ की लागत से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एटीएमएस प्रणाली लागू कर रहा है। इससे दुर्घटनाओं में कमी लाने में सहयोग मिलेगा। साथ ही ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर चालान किए जा सकते हैं। दिल्ली से आगरा तक करीब 200 किलोमीटर में यह प्रणाली लगाई जा रही है।
- धीरज सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई