राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता चौहान ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर आयोग गंभीर है और आदेश जारी किया है। जिम, पार्लर, सैलून और टेलर की दुकानों में अब महिला कर्मचारी रखना अनिवार्य होगा। 15 दिसंबर तक इस आदेश पर हर सूरत में अमल करना होगा। इस तारीख के बाद जांच अभियान चलाया जाएगा। वह मंगलवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में मीडियाकर्मियों से बात कर रही थीं।
बबीता चौहान ने कहा कि सबसे ज्यादा जिम सेंटरों से अपराध के मामले सामने आते हैं। साथ ही पार्लर, बुटीक आदि में छेड़छाड़, दुष्कर्म जैसी घटनाएं होती हैं। ऐसे में आयोग ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने बताया है कि प्रस्ताव लागू होने के बाद महिलाओं से जुड़ी कई चीजें बदल जाएंगी। यह प्रस्ताव महिलाओं की सुरक्षा और उनके रोजगार के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
उन्होंने कहा कि पहले ब्यूटी पार्लर में सिर्फ महिला कर्मचारी ही होती थीं, अब पुरुष कर्मचारी भी होने लगे हैं। यहां तक कि आज ब्राइडल मेकअप भी पुरुष कर्मचारी कर रहे हैं। अगर किसी महिला को पार्लर में पुरुष कर्मचारी की सेवाएं लेनी हैं तो उसे लिखकर देना होगा। इसके बाद उसे काम करने की अनुमति दी जाएगी। बबीता चौहान ने बताया है कि फिलहाल प्रदेश भर में इसका सत्यापन चल रहा है। 15 दिसंबर तक यह प्रक्रिया पूरे होने के बाद जांच अभियान शुरू होगा।
25 पीड़ितों की सुनी फरियाद
- राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में पीड़िताओं की फरियाद सुनी। 25 महिलाएं घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न व अन्य समस्याएं लेकर पहुंची। उन्होंने सभी को कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान सबसे ज्यादा घरेलू हिंसा के मामले सामने आए। इस दौरान उन्होंने महिलाओं के हित में चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी। साथ ही उन्होंने महिलाओं को सोशल मीडिया से दूर रहने की सलाह दी। इसके बाद महिला बंदी गृह का निरीक्षण कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान विभिन्न विभाग के अधिकारी और पुलिस कर्मी मौजूद रहे।