मथुरा। मथुरा-वृंदावन ब्रॉडगेज लाइन बिछाने में बाधक नई बस्ती पर कभी भी बुलडोजर चल सकता है। इसके लिए रेल प्रशासन ने संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर पूरी तैयारी कर ली है। जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा हरी झंडी मिलने के बाद चिह्नित अतिक्रमण को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए रेलवे अधिकारी प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना बनाने में लगे हैं।
रेलवे द्वारा सांसद के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत मथुरा-वृंदावन के बीच हाई स्पीड ट्रेन चलाने की तैयारियां जोरों पर हैं। इसके लिए पुरानी मीटर गेज को ब्रॉडगेज में बदलने का काम चल रहा है। मीटर गेज लाइन और स्लीपर को पूरी तरह से हटाया जा चुका है। ट्रैक वाले स्थान पर जमीन को समतलीकरण करने का कार्य किया जा रहा है। लाइन बिछाने के कार्य में रेलवे फाटक संख्या 3 से 4 के बीच नई बस्ती का अतिक्रमण बाधक बन रहा है। रेलवे के सम्पत्ति विभाग ने इस क्षेत्र में हो रहे अतिक्रमण को चिह्नित कर करीब दो माह पूर्व लाल निशान लगा दिए हैं। इससे पहले भी अतिक्रमण हटाने के लिए कई नोटिस दिए जा चुके हैं।
अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि आखिरी बार रेलवे द्वारा सात जून को नोटिस दिए गए थे, जिसमें स्वत: अतिक्रमण हटा लेने के लिए एक माह का समय दिया गया था। यह समय सीमा पूरी हो जाने पर अब रेलवे अधिकारियों ने अतिक्रमण को ध्वस्त करने की योजना तैयार कर ली है। पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव का कहना है कि मथुरा-वृंदावन के बीच ब्रॉडगेज ट्रैक बिछाने का कार्य चल रहा है। इसमें बाधक बन रहे अतिक्रमणों को चिह्नित करने का कार्य पूरा होने के बाद अतिक्रमणकारियों को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। अब अतिक्रमण हटाने की योजना पर कार्य चल रहा है।
संपदा अधिकारी ने केस खारिज कर दिए खाली करने के आदेश
रेलवे द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से पहले भवनों का चिह्निकरण और नोटिस दिए जाने की कार्रवाई को लेकर नई बस्ती निवासी याकूब शाह ने हाईकोर्ट में तीन माह पहले अपील की थी। हाईकोर्ट ने रेलवे के संपदा अधिकारी के समक्ष दस्तावेज प्रस्तुत कर मामले को निपटाने को कहा। अपीलकर्ता ने रेलवे के संपदा अधिकारी की कोर्ट में आधार कार्ड, वोटर आईकार्ड, बिजली का बिल, जमीन के एग्रीमेंट की रसीद आदि दस्तावेज प्रस्तुत किए, लेकिन इन्हें नाकाफी मानाते हुए गत 6 जून को केस दावा खारिज कर दिया और 30 दिनों के अन्दर जगह खाली करने के आदेश दिए।
सिविल कोर्ट में चल रहा मामला
अपीलकर्ता याकूब शाह और नई बस्ती के अन्य लोगों ने मथुरा के सिविल जज सीनियर डिवीजन की कोर्ट में भी अपील की। कोर्ट ने उनकी अपील स्वीकार कर ली है। कोर्ट से इस मामले में 21 अगस्त को सुनवाई की तारीख मिली है। याकूब शाह ने कहा कि न्यायालय पर उनका पूरा विश्वास है। उन्होंने कोर्ट में दस्तावेज दाखिल कर दिए हैं। इसके बाद भी अतिक्रमण हटाया गया तो विरोध किया जाएगा।
160 अतिक्रमणकारियों को दिए थे नोटिस
रेलवे नेनई बस्ती क्षेत्र और उसके आसपास काबिज 160 अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिए थे। इसके अलावा वृंदावन की ओर करीब 15 अतिक्रमणकारियों को नोटिस दिए गए। इसके बाद सभी को पीपी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है। लेकिन कोई भी पर्याप्त दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। रेलवे के संपदा अधिकारी की कोर्ट में केस खारिज कर दिए गए हैं।