बसपा सिर्फ दलितों की ही नहीं हर गरीब, मजलूम, असहाय और दूसरों द्वारा सताया गए व्यक्ति की पार्टी है। यह बात बुधवार को एमएलसी और बसपा के जोनल कोआर्डिनेटर सुनील कुमार चित्तौड़ ने हाईवे पर अक्रूर इंटर कालेज मैदान में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में कही।
मुख्य अतिथि चित्तौड़ ने कहा कि पार्टी की नीतियों के कारण बसपा प्रदेश में अग्रणी और देश में एक अलग पहचान रखने वाली पार्टी है। एमएलसी जोनल कोआर्डिनेटर रामकुमार कुरील ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री बहन कुमारी मायावती प्रदेश की सबसे सफल मुख्यमंत्री रही हैं। 2017 में दोबारा गरीबों की सरकार यानी बसपा की सरकार बनने वाली है।
2017 विधानसभा चुनाव के लिए कुरील ने छाता विधानसभा क्षेत्र प्रभारी और प्रत्याशी के रूप में अतुल सिसौदिया लवी के नाम की घोषणा की। पूर्व मंत्री मांट विधायक श्याम सुंदर शर्मा और पूर्व मंत्री जयवीर सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा जनता सपा और भाजपा की सांप्रदायिक राजनीति को समझ चुकी है। ये पार्टियां चुनावी लाभ के लिए दंगों का सहारा लेती हैं।
छाता विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी और प्रत्याशी अतुल सिसौदिया ने छाता शुगर मिल दोबारा चालू कराने को प्राथमिकता बताया। क्षेत्रीय विधायक ठाकुर तेजपाल सिंह ने कहा कि बसपा की लहर से सभी पार्टियां परेशान हैं। जिले की सभी सीटों पर बसपा परचम लहराएगी। इसके पहले कार्यक्रम का शुभारंभ भीमराव अंबेडकर और कांशीराम के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
जोनल कोआर्डिनेटर हेमंत प्रताप सिंह, विक्रम सिंह गोला, मंडल कोआर्डिनेटर गिर्राज प्रसाद गोला, संघरतन सेठी, बसपा जिलाध्यक्ष सत्यप्रकाश कर्दम, एत्मादपुर विधायक धर्मपाल सिंह, फतेहपुर सीकरी विधायक सूरजपाल सिंह, गोवर्धन विधायक राजकुमार रावत, योगेश द्विवेदी, बलदेव विधानसभा प्रत्याशी प्रेमचंद कर्दम और पूर्व पालिकाध्यक्ष पुष्पा शर्मा आदि ने सम्मेलन को संबोधित किया। जगदीश शर्मा, कल्यान सिंह, जयवीर सिंह, अभयपाल सिंह, वीरी सिंह, नंदकिशोर, विशाल सिसौदिया, रेवती सिंह, नानकचंद दीवान, देवी सिंह कुन्तल आदि मौजूद रहे।
बसपा की सदस्यता ग्रहण की
सम्मेलन में 500 से अधिक बीडीसी, प्रधान, पूर्व प्रधान आदि बसपा की सदस्यता ग्रहण की। छाता सपा के नगर अध्यक्ष विशाल वार्ष्णेय भी साथियों सहित बसपा में शामिल हुए।
गर्मी में नहीं डिगा कार्यकर्ताओं का जोश
बसपा के कार्यकर्ता सम्मेलन में गर्मी भी कार्यकर्ताओं का जोश नहीं डिगा सकी। कार्यकर्ता सुबह 10 बजे ही सम्मेलन स्थल पर पहुंचना शुरू हो गए। दोपहर में चिलचिलाती गरमी भी उत्साह ठंडा नहीं कर पाई और कार्यकर्ता सम्मेलन समाप्त होने तक डटे रहे। पंडाल में लगाई गई 7000 कुर्सी कम पड़ गईं फिर भी कार्यकर्ता धूप में खडे़ रहे।