कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज के निर्देशन में चल रही ब्रज चौरासी कोस यात्रा के कोसी पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। पड़ाव स्थल पर प्रवचन करते हुए गुरु शरणानंद महाराज ने कहा कि प्रभु भक्ति ही मोक्ष प्राप्त करने का एकमात्र मार्ग है। उन्होंने कहा कि कलियुग में सच्चे मन से प्रभु प्रेम करने वाला प्रभु के दर्शन पा सकता है।
उन्होंने कहा कि जीवन के हर मोड़ पर प्रभु को याद करने वाला ही सच्चा प्रभु भक्त हो सकता है। प्रभु भक्तों के मन में कभी हीन भावना नहीं होनी चाहिए। उसे हर इंसान को एक नजर से ही देखना चाहिए।
गुरुवार को यात्रा के फालैन, पैगांव रवाना होने से पूर्व रामनगर काली मंदिर में नारायणदास भक्तमाली प्रतिमा पर कार्ष्णि गुरु ने पुष्प अर्पित किए। मंदिर पर खूबचंद अग्रवाल, सुभाष शर्मा, नवल किशोर आदि ने स्वागत किया। यात्रियों ने भगवती मंदिर, बालाजी मंदिर, पथवारी देवी, बडे़ महादेव, सत्यनारायण मंदिर में दर्शन किए।