चकलेश्वर क्षेत्र में स्थित चैतन्य महाप्रभु मंदिर में सफाई के दौरान सेप्टिक टैंक में उतरे मंदिर के महंत समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इनकी मौत टैंक में बनी जहरीली गैस के कारण होनी मानी जा रही है। बाद में नगर पंचायत कर्मियों ने टैंक का ऊपरी हिस्सा तोड़कर शवों को बाहर निकाला।
इस हादसे में मंदिर के महंत और प्रमुख मुड़िया संत तुलसीदास (55), हरिपुरा गांव के कालाचांद (50), रविदास (60) की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महंत तुलसीदास गुरुवार को मशीन से मंदिर के सेप्टिक टैंक की सफाई करवा रहे थे। अपरान्ह् करीब 3:30 बजे कालाचांद सीढ़ी लगाकर टैंक में उतरा और मूर्छित होकर गिर पड़ा।
उसे बचाने के लिए उतरे महंत तुलसीदास भी टैंक मेें उतरे तो वह भी बेहोश होकर गिर पड़े। इसके बाद रविदास गया तो वह भी टैंक में ही गिर पड़ा। इसे देख वहां काम कर रहे कर्मचारी मुकेश ने शोर मचाया। मौके पर साधु-संतों समेत स्थानीय लोगों की भीड़ लग गई।
सूचना पर थानाध्यक्ष गोवर्धन पुलिस बल और ईओ नगर पंचायत कर्मचारियों के साथ पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे के प्रयास के बाद नगर पंचायत कर्मियों ने टैंक का ऊपरी हिस्सा तोड़कर तीनों को बाहर निकाला, तब तक इनकी मौत हो चुकी थी।
सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान मरने वाले महंत तुलसीदास प्रसिद्ध चैतन्य महाप्रभु मंदिर के महंत और गुरु पूर्णिमा मेले में निकाली जाने वाली मुड़िया शोभा यात्रा के प्रमुख महंत थे। एडीएम प्रशासन अजय कुमार अवस्थी, एसपी क्राइम राममोहन, सीओ सदर और तहसीलदार ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।