अधिक माह के पहले ही दिन बुधवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। द्वारिकाधीश मंदिर में प्रात: ग्वाल दर्शनों में ठाकुर जी को पालने में झुलाया गया। गोवर्धन, बरसाना और वृंदावन की परिक्रमा में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
बुधवार को प्रात: यमुना के किनारे भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।
लोगों ने यमुना में स्नान किया और उसके बाद दान देकर पुण्य अर्जित किया। शहर के प्रसिद्ध राजाधिराज मंदिर प्रात: ग्वाल दर्शनों में ठाकुर जी को पालने में झुलाया गया।
इस मनोरथ में शामिल होकर श्रद्धालु निहाल हो गये। गौरतलब है अधिक माह भगवान विष्णु को अत्यधिक प्रिय है। इस माह में धर्म, दान करने से करोड़ों गुना फल की प्राप्ति होती है। इस माह के सृजन से ऋतु एवं मौसम का क्रम भी ठीक बना रहता है। इस माह में पांडवों को राज्य की प्राप्ति हुई थी।
खारी कुआं स्थित दीर्घ विष्णु मंदिर में सेवायत कांतानाथ चतुर्वेदी के सानिंध्य में प्रभु के सहस्त्र नामों का अर्चन किया गया। सायं साधु सेवा की गई।
भक्तों ने किए मंगला आरती के दर्शन
अधिक मास के पहले दिन गिरिराज मुखारबिंद मुकुट मानसी गंगा और गिरिराज दानघाटी मंदिर पर सुबह चार बजे गिरिराज महाराज के विग्रहों का दूध, दही, रबड़ी और पवित्र नदियों के जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद मंगला आरती हुई। हजारों भक्त ठाकुरजी के दर्शन के लिए उमड़े थे। गिरिराज मुखारबिंद मंदिर में अर्जुन पुजारी, सेवाधिकारी संजय शर्मा और सेवायत मनोज लंबरदार ने गिरिराज जी का अभिषेक कराया। श्रद्धालुओं ने मानसी गंगा में स्नान कर गिरिराज महाराज की पूजा की। गिरिराज दानघाटी मंदिर पर मीनालाल पुजारी ने गिरिराजजी के विग्रह का दुग्धाभिषेक करा मंगला आरती की। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। बड़ा बाजार स्थित लक्ष्मीनारायण मंदिर पर सुबह पांच बजे से श्रद्धालुओं ने दंडवती परिक्रमा लगाने की शुरूआत की। सायं शृंगार होने तक सैकड़ों श्रद्धालुओं परिक्रमा के लिए आ गए थे। गिरिराज संत सेवा आश्रम पर सुबह 6 बजे से अखंड हरिनाम संकीर्तन और भंडारे का शुभारंभ संत राधामोहन दास सिद्ध ने किया।