राया के गांव चौहरी, मांट के गांव कुड़वारा, भगत नगरिया और बलदेव के कनरऊ में मतदाताओं ने अपनी समस्याओं को लेकर चुनाव का बहिष्कार किया। गांव चौहरी में सड़क न बनने से गुस्साए ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। शाम तक एक भी वोट नहीं डाला गया।
मतदान बहिष्कार की जानकारी मिलते ही तहसीलदार देवेंद्रपाल सिंह, विजय कुमार, चौकी प्रभारी संतोष यादव ग्रामीणों को मनाने पहुंचे। अधिकारियों ने उन्हें नोटा का बटन दबाने का भी सुझाव दिया, जिसे लोगों ने खारिज कर दिया। मांट के गांव कुड़वारा में ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर मतदान का बहिष्कार किया। शाम तक मतदान केंद्र सुनसान पड़े रहे।
सूचना पर एसडीएम सदानंद गुप्ता अधिकारियों के साथ गांव पहुंचे। ग्रामीणों से वोट डलवाने की अपील की। एक वोट जैसे-तैसे प्रशासन ने डलवा ही दिया। प्रधान अर्जुन ने बताया कि गांव में पानी की व्यवस्था नहीं है। पुल टूटा पड़ा है। प्रधान को पुलिस द्वारा हिरासत में लेने से ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने प्रधान को पुलिस हिरासत से मुक्त करा लिया।
टैंटीगांव के निकटवर्ती गांव भगत नगरिया में चुनाव का बहिष्कार किया गया। यहां एक भी वोट नहीं डाला गया। एसडीएम सदानंद गुप्ता, सीओ जनक सिंह ने ग्रामीणों को काफी समझाया, मगर वे राजी नहीं हुए।
बलदेव के गांव कनरऊ में मतदाताओं ने सड़क की समस्या को लेकर मतदान का बहिष्कार किया। एसडीएम महावन और सीओ के समझाने पर लोगों ने 11 बजे के बाद वोट डालना शुरू कर दिया।