लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार देर रात मथुरा के गांव करनावल में पीड़ित बेटियों की चौखट पर बरात पहुंची। बैंडबाजों की गूंज सुनकर परिवार में हर्ष और बेटियों के मायूस चेहरों पर खुशी लौटी। दोनों बेटियों का धूमधाम से विवाह हुआ। शादी समारोह में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के साथ भाजपा पदाधिकारी और कांग्रेस सांसद तनुज पूनिया भी शामिल हुए। उन्होंने बतौर कन्यादान एक लाख रुपये दिए। वहीं राज्यमंत्री ने बेटियों को आशीर्वाद भी दिया।
दरअसल, 21 फरवरी को करनावल में अनुसूचित जाति की दो बेटियों की बरात लौट गई थी। गांव के ही दबंगों ने बरात के साथ दुल्हनों से भी मारपीट की थी। इस वजह से बिना दुल्हनों के ही बरात लौट गई थी। फिर बेटियों के साथ परिवार के चेहरे पर भी मायूसी छा गई थी, शुक्रवार एक बार फिर सभी के चेहरों पर खुशी नजर आई।
देर रात सदरबाजार थाना क्षेत्र के माधोपुर से दो सगे भाई बरात लेकर करनावल पहुंचे। यहां पूरी धूमधाम से दोनों बेटियों का विवाह संपन्न कराया गया। एक पखवाड़े से सूने पड़े आंगन में जहां ढोलक की थाप गूंजती रही तो वहीं बरातियों के स्वागत के लिए शामियाना भी तैयार रहा।
दूसरी ओर, सत्ता पक्ष के साथ ही कांग्रेस नेता भगवान सिंह वर्मा, मुकेश धनगर, सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव, बसपा समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी करनावल पहुंचे। दोनों बेटियों के विवाह के साक्षी बने। वहीं आजाद समाज पार्टी के प्रदेश सचिव आलोक यादव भी समारोह में शामिल हुए। उन्होंने बेटियों के कन्यादान में पर 21 हजार रुपये दिए। आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने दोनों बेटियों से वीडियो कॉल पर बात की और आशीर्वाद दिया।
परिजन ने राज्यमंत्री से दामादों को नौकरी दिलाने की मांग की
राज्य मंत्री असीम अरुण ने शादी समारोह के पंडाल में रखी बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके साथ पीड़ित परिजन से हालचाल जाना और बेटियों के सुनहरे भविष्य की कामना की। परिवार वालों ने दो लाइसेंस और दोनों दामाद की नौकरी की मांग की है। इस पर राज्य मंत्री ने परिवार को आश्वासन दिया कहा कि मांगों को पूरा किया जाएगा।
सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
रिफाइनरी थाना एसओ सोनू कुमार ने बताया है कि करनावल गांव में तीन थानों का फोर्स लगाया। इसमें फरह, रिफाइनरी और हाईवे थाने के पुलिसकर्मी शामिल हैं। गांव में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए। पुलिस सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक नहीं छोड़ना चाहती है। इसलिए तीनों थानों से करीब 50 से ज्यादा पुलिस कर्मी गांव में तैनात किए गए। सकुशल शादी संपन्न होने के बाद ही पुलिसकर्मी वहां से हटे।