मथुरा में स्कूल संचालक ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। माैत से पहले स्कूल संचालक को पटरी पर घूमता देख लोको पायलट ने ट्रेन रोक ली। नीचे उतरकर समझाते हुए उन्हें पटरी से हटाया। इसके बाद भी स्कूल संचालक ने ट्रेन के सामने लेटकर जान दे दी।
{{#eligible}}
सभी खबरें बिना रुकावट पढ़ने के लिए
अमर उजाला एप डाउनलोड करें
मथुरा के हाईवे थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक स्कूल संचालक ने ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। इससे पहले लोको पायलट ने ट्रेन रोककर उन्हें पटरी से हटाकर समझाया, लेकिन जैसे ही ट्रेन चली फिर वह पटरी पर लेट गए और मौके पर ही मौत हो गई।
विज्ञापन
हाईवे थाना क्षेत्र स्थित एटीवी के पीछे रहने वाले राकेश (38) अपने भाइयों के साथ मिलकर चिल्ड्रेन एकेडमी स्कूल चलाते थे। राकेश स्कूल में ही पत्नी व बच्चों के साथ रहते थे। बड़े भाई नरेंद्र ने बताया है कि हादसे से पहले राकेश ने सुबह साढ़े नौ बजे स्कूल में उनके साथ बैठकर चाय पी। इसके बाद वह किसी काम की कहकर वहां से निकल गए।
इसी दौरान एक ट्रेन आई। ट्रैक पर राकेश को घूमता देख लोको पायलट ने ट्रेन रोक ली और राकेश को वहां से हटाया। जैसे ही ट्रेन आगे बढ़ी, तभी उसके सामने राकेश लेट गए। मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव की शिनाख्त कर परिजन को सूचना दी।
बड़े भाई का कहना है कि राकेश ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी जानकारी नहीं है। जीआरपी थाना प्रभारी यादराम ने बताया है कि पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएगा उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
स्कूल की देखरेख करते थे राकेश
भाई ने बताया कि राकेश के दो बच्चे हैं। एक बेटा और एक बेटी है। हादसे की खबर सुनने के बाद पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटी ने हाल में ही 10वीं की परीक्षा दी है। राकेश स्कूल की देखरेख और सामान्य काम संभालते थे।