मथुरा। सुरक्षा नियमों के कड़ाई से पालन के निर्देश के बाद बिना पंजीकरण के यमुना में नावों का संचालन ठप है। नगर निगम के अधिकारियों ने नाविकों से कहा कि पहले पंजीकरण कराएं, इसके बाद नाव चलाने की अनुमति दी जाएगी। अब तक 177 नाविकों ने पंजीकरण कराने में रुचि दिखाई है। दूसरे दिन मंगलवार को 87 नाविकों ने अपने-अपने फार्म भर कर जमा कराए हैं।
नावों के पंजीकरण की प्रक्रिया सोमवार से शुरू की गई है। नगर निगम की टीम वृंदावन के केसीघाट और मथुरा के विश्राम घाट पर शिविर लगाकर पंजीकरण कर रही है। सोमवार को 90 नाविकों ने अपने फार्म भर कर जमा कराए थे। वहीं दूसरे दिन मंगलवार को वृंदावन में 42 और मथुरा 45 नाविकों ने फॉर्म भरे। अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह का कहना कि पंजीकरण के बाद निर्धारित नियमों को लागू कराने पर जोर रहेगा।
ये नियम होंगे लागू
चप्पू वाली नाव में छह और मोटरबोट में 10 लोग बैठ सकेंगे। प्रत्येक वाहन व नाविक का इंश्योरेंस होगा। नाव पर रेडलाइन अंकित की जाएगी। नाविक द्वारा यात्री को लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई जाएगी। फर्स्ट एड किट, दो हवा भरे हुए ट्यूब, 50 मीटर लंबी रस्सी, अग्निशमन यंत्र रखना आवश्यक होगा। मोटरबोट में प्रकाश व्यवस्था एवं ब्रेक की सुविधा होगी। नाव पर आपातकालीन संपर्क नंबर प्रदर्शित किया जाएगा। आपातकालीन सायरन व सीटी की व्यवस्था होगी। निर्धारित घाट से ही यात्रियों को बैठाया और उतारा जाएगा। अन्य घाटों पर संचालन प्रतिबंधित रहेगा। चालक की आयु 18 से 50 वर्ष के मध्य होगी। प्रत्येक नाव पर न्यूनतम दो चालक होना अनिवार्य होंगे। चालक के पास थाने व आपदा राहत एवं संबंधित अधिकारियों के फोन नंबर उपलब्ध रहेंगे।