मथुरा। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को मतदेय स्थलों के आलेख्य प्रकाशन के बाद जनप्रतिनिधियों तथा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें मतदेय स्थलों के पुनर्निधारण, सुझावों एवं आपत्तियों तथा अंतिम सूची तैयार करने की प्रक्रिया की समीक्षा की। बैठक के दौरान बिना आपत्ति के 2247 मतदेय स्थलों की सूची को अंतिम रूप दिया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर मतदेय स्थलों का पुनर्गठन किया जा रहा है। इसके तहत 24 से 28 जून तक भौतिक सत्यापन, पुनर्निधारण तथा नए मतदेय स्थलों के लिए भवनों का चयन किया गया। चार जुलाई को मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची प्रकाशित कर सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध करा दी गई थी। 16 जुलाई तक सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं। निर्धारित अवधि में किसी भी दल की ओर से कोई शिकायत या सुझाव प्राप्त नहीं हुआ। ऐसे में प्रकाशित सूची को ही अंतिम रूप दे दिया गया है। जिले में कुल 2247 मतदेय स्थल और 1107 मतदान केंद्र हैं। इनमें छाता विधानसभा में 416 मतदेय स्थल, मांट में 458, गोवर्धन में 397, मथुरा में 495 तथा बलदेव विधानसभा में 481 मतदेय स्थल शामिल हैं।
सत्यापन के दौरान 30 मतदेय स्थल जर्जर पाए गए, जिनमें छाता के पांच, मांट के आठ, गोवर्धन के आठ और बलदेव के नौ मतदेय स्थल शामिल हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि 18 जुलाई को सूची को औपचारिक रूप से अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद 25, 27 और 28 जुलाई को प्रस्ताव मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय भेजे जाएंगे, जबकि 31 जुलाई को मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रस्ताव भारत निर्वाचन आयोग को अनुमोदन के लिए प्रेषित करेंगे। बैठक में बलदेव विधायक पूरन प्रकाश, एडीएम डॉ. पंकज कुमार वर्मा आदि उपस्थित रहे।