सुरीर। कस्बा सुरीर में नौहझील-राया मार्ग पर शव रखकर जाम लगाना ग्रामीणों को भारी पड़ गया है। पुलिस ने 13 नामजद लोगों समेत दर्जनों गांव वालों के खिलाफ केस दर्ज किया है। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ शुरू कर दी है, जिसके बाद लोगों में हड़कंप मच गया है।
सुरीर कोतवाली में तैनात महिला एसआई दिव्या कुमारी ने यह प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसमें आरोप लगाया है कि 28 दिसंबर की शाम करीब 7 बजे तीन लोग सड़क किनारे अलाव जलाकर ताप रहे थे। तभी एक थार गाड़ी बेकाबू होकर अलाव ताप रहे लोगों को टक्कर मारती हुई निकल गई। पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में काले रंग की थार गाड़ी दिखाई दी, जिससे हादसा हुआ था। पड़ताल के बाद सामने आया कि गाड़ी सुरीर निवासी कान्हा सोनी चला रहा था। हादसे में राजेंद्र, शशि मोहन और बनवारीलाल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान बनवारी लाल की मौत हो गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार के सुपुर्द कर दिया।
घटना के बाद पीड़ित पक्ष की ओर से एससी एसटी एक्ट व हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराने को तहरीर दी थी। पुलिस ने तहरीर देख परिजन और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने 29 दिसंबर की शाम 5 बजे के बनवारी लाल के शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ने फिर से लोगों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने। इसके कारण मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह से बंद हो गई। पुलिस का कहना है कि घटना को बढ़ा-चढ़ाकर मुकदमा दर्ज कराने की जिद पर अड़े रहे।
अब पुलिस ने सोमवीर, विनोद, धर्मवीर, गावस्कर, मोहन श्याम, शिवकुमार, प्रेमपाल, गौरी भास्कर, प्रेम कुमार, खगेश, नीरज, कपिल व गुलाब निवासीगण सुरीर के अलावा तीन दर्जन के लगभग महिला व पुरुष शामिल थे। सीओ मांट आशीष शर्मा का कहना है कि सड़क मार्ग अवरुद्ध करने और पुलिस कार्य में बांधा डालने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है।