भारतीय जनता पार्टी के जिला स्तर पर हो रहे संगठनात्मक चुनाव में एक बार फिर आम सहमति से ही मंडल और जिला अध्यक्ष का चयन होना है। इसके लिए करीब एक पखवाडे़ से चल रही प्रक्रिया में अब तक सिर्फ 7 मंडल अध्यक्षों पर ही आम राय कायम हो सकी है। बाकी के लिए आपसी रार आडे़ आ रही है।
वर्तमान में भाजपा के संगठनात्मक चुनाव इस बार जिले में 20 मंडल के लिए हो रहे हैं। पूर्व में यह संख्या 34 थी लेकिन संगठन की नवीन व्यवस्था के तहत इस बार ब्लॉक मुख्यालय और नगर पंचायतों में 100 बूथों पर एक मंडल गठित किया गया है। मथुरा शहर को भी चार मंडलों में विभाजित कर दिया गया है।
इन सभी मंडलों के लिए अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया में अब तक सात मंडलाें में ही आम सहमति बन सकी है। बाकी के लिए प्रयास निरंतर जारी है। लेकिन, आम सहमति में असफलता मिलने पर तीन नाम पैनल में ब्रज प्रांत को भेजे जाएंगे, जहां एक की घोषणा की जाएगी। मथुरा शहर के सभी चार मंडलों में अध्यक्ष पद के लिए चार से छह दावेदार सामने आ रहे हैं।
मंडलों के अलावा इस बार जिला अध्यक्ष का चुनाव भी ऊपर से तय होना है। हालांकि इसके लिए कोशिश स्थानीय स्तर पर आम सहमति बनाने की हो रही है। अब तक दावेदारी के रूप में पूर्व सांसद तेजवीर सिंह, वर्तमान जिलाध्यक्ष डा. डीपी गोयल, विनोद अग्रवाल के नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं। इनके अलावा संजय प्रताप सिंह, राजकुमार मांट वालों का नाम भी चर्चा में हैं।