ऑल इंडिया एंटी टेररिस्ट फ्रंट के अध्यक्ष मनिंदर जीत सिंह बिट्टा ने नोटबंदी को मातृभूमि की रक्षा और आतंक के सफाये वाला निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के कारण नक्सलियों के 12 हजार करोड़ रुपये नष्ट हो गए। कश्मीर में पत्थरबाजी पर भी लगाम लगी।
मंगलवार शाम को बिट्टा ने गोवर्धन में दानघाटी मंदिर पर गिरिराज महाराज के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहले सैनिकों के सर काटने की घटना के बाद भी हमें रोका जाता था। आज रक्षा मंत्रालय से आदेश है कि सामने से एक गोली चले तो 100 गोलियां चलाओ। जवानों का शहीद होना दु:ख की बात है लेकिन अब जवानों को मातृभूमि की रक्षा की खुली छूट है।
बिट्टा ने कहा कि भारत माता की जय और वंदे मातरम कांग्रेस का ही नारा है लेकिन अब वह उसे भूल गए हैं। मैं भी कांग्रेसी हूं लेकिन मेरा धर्म भारत मां और मेरी जात वंदे मातरम है। नेताओं के जिंदाबाद के नारे पर कटाक्ष करते हुए बिट्टा ने कहा कि जो भी अपने या पार्टी के नारे लगवाएगा उसका राजनीतिक सफर ज्यादा लंबा नहीं होगा। बिट्टा ने देश के युवाओं से अपील की कि वे चंद्रशेखर आजाद, अशफाक उल्लाह खान, भगत सिंह आदि क्रांतिकारियों के बलिदान को याद कर मातृभूमि और वंदे मातरम को सम्मान दें।