खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अब प्रदेश के 24 जनपदों में खाद्यान्न वितरण के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था प्रभावी होने जा रही है। जनपदों की इस लिस्ट में मथुरा, आगरा और झांसी भी शामिल हैं।
विप्रा सभाकक्ष में शुक्रवार को आगरा, झांसी, अलीगढ़, मिर्जापुर, इलाहाबाद और चित्रकूट के विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में प्रदेश के खाद्य आयुक्त अजय चौहान ने बताया कि बायोमेट्रिक व्यवस्था के लिए 24 जनपदों की 250 दुकान चयनित की गई हैं। यहां अधिकांश उपभोक्ताओं के आधार कार्ड तैयार हो चुके हैं।
इसमें मथुरा के राया कस्बे की चार दुकान शामिल हैं। आगरा जनपद के फतेहपुर सीकरी, फीरोजाबाद के शिकोहाबाद और झांसी में महुरानी को इसमें शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि फीरोजाबाद में इस व्यवस्था पर पहले ही काम शुरू हो चुका है। चयनित दुकानों पर बायोमेट्रिक व्यवस्था के तहत आधार नंबर से गेहूं मिलेगा। वही व्यक्ति गेहूं ला सकेगा जिसका आधार नंबर है। इससे राशन वितरण की व्यवस्था पारदर्शी हो जाएगी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को नए राशन कार्ड की आवश्यकता नहीं है। उनका पुराना राशन कार्ड ही प्रभावी रहेगा। बीपीएल के लिए मार्च माह तक नए राशन कार्ड जारी कर दिए जाएंगे।
खाद्य आयुक्त अजय चौहान ने बताया कि समीक्षा के दौरान विभागीय कार्यों में शिथिलता पर बांदा, चित्रकूट और महोवा के जिलापूर्ति अधिकारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। हाथरस और एटा के जिलापूर्ति अधिकारियों को कड़ी चेतावनी जारी की गई है।
बायोमेट्रिक व्यवस्था
इसमें राशन की दुकानों पर बायोमेट्रिक मशीन रखी जाएगी। इसमें आधार कार्ड डालने पर संबंधित व्यक्ति के परिवार और उसको तय राशन के बारे में जानकारी आ जाएगी। इसी जानकारी के आधार पर राशन विक्रेता आधार कार्ड वाले व्यक्ति को राशन देगा।