सोना खरीदने के लालच में तेलंगाना से मथुरा आए दो रीयल एस्टेट कारोबारियों को स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस ने लुटने से बचा लिया। दोनाें कारोबारी 45 लाख रुपये लेकर मथुरा में चार किलो सोने की ईंट खरीदने के लिए आए थे। टटलू लुटेरों के जाल में फंसने से पहले पुलिस ने जाल बिछाकर टटलुओं को दबोच लिया।
तेलंगाना में रंगारेड्डी जिला के रहने वाले रामारेड्डी का अपने साढ़ू के साथ रंगारेड्डी में रीयल एस्टेट का कारोबार है। पारले प्रोडक्ट्स की बड़ी डिस्ट्रीब्यूटरशिप भी उनके पास है। दोनों को टटलू लुटेरों ने सोने की ईंट का लालच दिया था। इस पर वे तेलंगाना से फॉर्च्यूनर कार में 45 लाख रुपये लेकर मथुरा आ गए।
पुलिस को सूचना मिलने पर एसपी सिटी शैलेश पांडेय और एसपी क्राइम राममोहन सिंह ने स्वाट टीम और कोतवाली पुलिस को व्यापारियों के पीछे लगाया। रामारेड्डी के माध्यम से टटलुओं को गोवर्धन बुलाया गया। यहां गुरुवार रात पुलिस और टटलुओं में मुठभेड़ हो गई। इस दौरान हसीम मेव, आशिक मेव निवासी गांव टीकरी थाना पुन्हाना मेवात और आजाद उर्फ छिद्दी, नसरू निवासी गांव जंघावली थाना शेरगढ़ को पुलिस ने दबोच लिया।
मगरुद्दीन निवासी फिरोजपुर मेवात हरियाणा और एक अन्य साथी भागने में कामयाब हो गया। इनमें से नसरू शेरगढ़ में 2004 में हुई डकैती में शामिल रहा था। हरियाणा में भी इन लुटेरों पर दर्जन भर मुकदमे हैं। पुलिस ने रामारेड्डी बंधुओं से 44.5 लाख की रकम, दो तमंचे, चार कारतूस, दो खोखा, दो नकली सोने की ईंट और दो चाकू बरामद किए हैं। एसएसपी ने पुलिस टीम को पांच हजार ईनाम दिया है।
कर्मचारी रची साजिश
तेलंगाना में रामारेड्डी के यहां जेसीबी पर मेवात इलाके का एक ऑपरेटर काम करता था। उसी ने मालिक को 10 लाख रुपये में एक किलो सोना दिलवाने के लिए तैयार किया। पकड़े गए टटलुओं के रिश्तेदार जेसीबी ऑपरेटर ने ही पूरी योजना बनाई और दोनो कारोबारियों को मथुरा तक पहुंचाया।
सैंपल निकला था असली
रामारेड्डी बंधुओं ने बताया कि वे 10 दिन पहले अपने आपरेटर और फोन पर हुई टटलू लुटेरोें से बात के बाद नूहं मेवात में सोने की ईंट का सैंपल लेने प्लेन से दिल्ली तक आए थे। सैंपल लेकर तेलंगाना में चेक कराया तो वह असली निकला। इस पर वे सौदे के लिए आ गए। कार से मथुरा तक आने में 13000 का डीजल खर्च हो गया।