जिसने भी देखा उसकी निकल गई चीख
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों ने दोनों किशोरों को बाइक से निकालकर अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। हादसे की सूचना मिलते ही कुरकुंदा गांव में दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिजन और ग्रामीण अस्पताल की ओर दौड़ पड़े।
एक साथ उठीं अर्थियां तो रो पड़ा गांव
रविवार को जब दोनों दोस्तों की अर्थियां एक साथ उठीं तो पूरा गांव गमगीन हो गया। बचपन से साथ खेलने-कूदने और घूमने वाले दोनों दोस्तों की अंतिम यात्रा भी एक साथ निकली। अर्थियां देखकर स्वजन फफक-फफक कर रो पड़े। महिलाओं की चीख-पुकार से माहौल और भी मार्मिक हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण अंतिम यात्रा में शामिल हुए। दोनों दोस्तों का अंतिम संस्कार भी एक साथ किया गया।
दो परिवारों के बुझ गए चिराग
सूरज और अंशु की असमय मौत से दो परिवारों की खुशियां मातम में बदल गईं। गांव में रविवार को हर तरफ शोक का माहौल रहा। ग्रामीण परिजनों को ढांढस बंधाते रहे, लेकिन किसी के पास उन्हें सांत्वना देने के लिए शब्द नहीं थे।
खड़े ट्रक को लेकर उठे सवाल
हादसे के बाद सड़क किनारे खड़े गैस कैप्सूल ट्रक को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रिफाइनरी थाना प्रभारी अजय कौशल ने बताया कि दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। हादसे की परिस्थितियों और सड़क किनारे खड़े ट्रक के संबंध में जांच की जा रही है। प्रार्थना पत्र मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।