मथुरा। जीएसटी बदलाव से बड़े व्यापारियों में निराशा हैं। उनका मानना है कि जब तक जीएसटी की जटिल फाइलिंग प्रक्रिया और सख्त नियमों को सरल नहीं किया जाता, तब तक सिर्फ दरों में कटौती से व्यापार की वास्तविक समस्याएं हल नहीं होंगी। हुए बदलाव से सिर्फ माध्यम छोटे वर्ग के व्यापारियों के साथ-साथ ही उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
व्यापारियों का कहना कि जीएसटी की दरें कम होना स्वागत योग्य है, लेकिन यह समस्या का केवल एक छोटा हिस्सा है। जटिल फाइलिंग प्रक्रिया और अनुपालन के सख्त नियम अभी भी एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। सरकार को जीएसटी रिटर्न फाइलिंग को सरल बनाने और व्यापारियों पर लगने वाले अनावश्यक जुर्माने को कम करने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक जीएसटी की प्रक्रिया आसान नहीं होगी, तब तक दरों में कटौती का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा।
-
क्या बोले व्यापारी
जीएसटी दरों में कटौती को एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, लेकिन व्यापारियों की असली मांग सिर्फ दरों में कमी नहीं, बल्कि एक सरल और पारदर्शी जीएसटी प्रणाली है, जो व्यापार करने में सहूलियत दे। इस ओर सरकार को ध्यान देने की आवश्यकता है।
राजेंद्र अग्रवाल, व्यापारी
—
छोटे और मझोले व्यापारी इस कदम से कुछ हद तक खुश हैं। उनका मानना है कि कीमतें कम होने से ग्राहकों की जेब पर बोझ कम होगा और बिक्री में वृद्धि होगी। यह उनके व्यापार को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है, लेकिन बड़े व्यापारियों इस बदलाव से नाखुश हैं।
अखिलेश मिश्रा पिंटू, व्यापारी
—
जीएसटी की दरें कम होने के बावजूद, जटिल फाइलिंग प्रक्रिया और अनुपालन के सख्त नियम अभी भी एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। अनावश्यक जुर्माने को कम करने पर ध्यान देना चाहिए। जीएसटी की प्रक्रिया आसान नहीं होगी, तब तक दरों में कटौती का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा।
सचिन अरोड़, व्यापारी
—
यह एक अच्छा कदम है। जब कीमतें कम होंगी, तो ग्राहक अधिक खरीदारी करेंगे। इससे हमारे व्यापार में सुधार होगा। जिन वस्तुओं पर टैक्स कम हुआ है, उनकी बिक्री में तुरंत उछाल देखने को मिल सकता है।
रवि अग्रवाल, व्यापारी नेता