डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह की आभा कान्हा नगरी के भानु की मेधा का प्रकाश भी बना। केआर कालेज का यह छात्र पांच स्वर्ण पदक पाकर सबसे ज्यादा पदक पाने वाली कानपुर की गरिमा के बाद दूसरे स्थान पर रहा। इसकी बदौलत मथुरा जनपद ने कुल आठ स्वर्ण पाए।
भानु प्रकाश को बीएससी अंतिम वर्ष में रसायन विज्ञान में उच्चतम अंक के लिए श्रीमती उमंग लक्ष्मी क्रांति लाल पांडेय स्वर्ण पदक, भौतिक विज्ञान में अधिकतम अंक के लिए रमेश प्रताप मलिक स्मृति स्वर्ण पदक, गणित में उच्चतम अंक के लिए श्यामा चरण स्वर्ण पदक, महेश प्रसाद त्रिवेदी स्मृति स्वर्ण पदक, फाइनल वर्ष में उच्चतम अंक के लिए डा. एसएस देशपांडे स्मृति स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।
एमए प्राचीन इतिहास और संस्कृति में उच्चतम अंक प्राप्त करने पर आईओपी वृंदावन के अजय कुमार स्वामी को श्रीबीएच वन महाराज स्मृति स्वर्ण पदक दिया गया। केआर पीजी कालेज मथुरा की निकिता अग्रवाल को बीकॉम फाइनल में उच्चतम अंक लाने के लिए बाबू गुलाब चंद्र अग्रवाल स्वर्ण पदक और बीएसए कालेज के प्रशांत वार्ष्णेय को बीएससी के तीनों वर्ष में उच्चतम अंक के लिए स्वर्गीय मुहम्मद इरशाद उल्लाह खान स्मृति स्वर्ण पदक मिला।
पिता के सपनों को भानु ने बनाया सोना
आज मथुरा में सुबह आसमान के भानु से नहीं केआर कालेज के भानुप्रकाश की मेधा से शोभित है। बीएससी में पांच स्वर्ण पाने वाले इस छात्र ने परिस्थितियों से लोहा लेकर ज्ञान के यह कंचन पाए हैं। अमर उजाला से बातचीत में भानुप्रकाश ने बताया कि वे विद्यालय के दिनों में औसत छात्र थे। उनके पिता ओमप्रकाश चाहते थे कि वे खूब पढ़ाई करें। एक हादसे में देहावसान के बाद पिता का साया तो भानु के सर से उठ गया लेकिन उनकी इच्छा को पुत्र ने जीवन का लक्ष्य बना लिया। पढ़ाई की लगन और कुछ कर दिखाने की चाहत भानु को औसत से उच्चतम स्तर तक ले आई। हाईस्कूल में 60 फीसदी अंक पाने वाले छात्र ने इंटर में 80 फीसदी अंक पाए थे। भानु कहते हैं कि जब भी वे टॉप करते हैं तो लगता है कि पिता का सपना पूरा कर दिया है।