परिक्रमा मार्ग स्थित नेपाली समाज की प्राचीन भजनकुटी का रविवार को नेपाल के राजदूत ने सहयोगियों के साथ निरीक्षण किया।
उन्होंने भजन कुटी के हृदय विदारक दृश्य को देखकर जिला और पुलिस प्रशासन की उदासीन कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि वह मथुरा पुलिस की खराब कार्यप्रणाली की शिकायत केंद्र और राज्य सरकार से करेंगे।
नेपाली राजदूत दीपकुमार उपाध्याय, काउंसलर राजबहादुर कार्की, यादवराज खंगाल, इंडिया नेपाल फाउंडेशन के स्थानीय सचिव डीपी कोईराला, केशव अधिकारी, नेपाली मित्र परिषद के स्थानीय सचिव पुष्पराज शर्मा, विधायक प्रदीप माथुर और महामंडलेश्वर अवशेषानंद गिरी के साथ
रविवार को परिक्रमा मार्ग स्थित भजनकुटी पर पहुंचे। यहां उन्होंने भजनकुटी का निरीक्षण किया और ढहाई गई प्राचीन इमारत को देखकर दुख प्रकट किया। सदस्यों ने भजनकुटी सेवा संस्थान के सचिव बालकृष्णदेवाचार्य और साध्वी श्रीजी से बातचीत की।
नेपाली राजदूत ने कहा कि प्राचीन कुटी को कब्जे की नियत से ढहाने और संतों और वृद्ध महिलाओं के साथ हुई घटना को पुलिस प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया है। संतों पर किया गया हमला चिंता का विषय है।
पुलिस प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की है, बल्कि दोषियों का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि यहां पीड़ितों से वार्ता में पता चला कि कई नामजद आरोपी पुलिस ने गिरफ्तार नहीं किए हैं। उन्होंने कहा कि वारदात के बाद से लापता कई साधुओं को भी पुलिस अभी तक तलाश नहीं कर पाई है,
बल्कि संतों पर भी दबाव बना रही है। उन्होेंने कहा कि क्षतिग्रस्त भजनकुटी के नवनिर्माण और व्यवस्थित कराने के लिए आर्कीटेक्ट से सलाह लेकर कार्य शुरू कराएंगे। नेपाली राजदूत ने 85 वर्षीय गीतादासी, 80 वर्षीय रामशरण से पांच नवंबर की रात हुई घटना की जानकारी ली।
बाल कृष्णदेवाचार्य ने नेपाली राजदूत को बताया कि नगर के कुछ भूमाफिया आज भी भजन कुटी पर कब्जे की फिराक में हैं। समाज की मोतीझील स्थित वेदांती आश्रम, परिक्रमा मार्ग स्थित टाटंबरी आश्रम, पानी घाट स्थित नेपाली आश्रम पर माफियाओं की नजर है। विधायक प्रदीप माथुर ने बालकृष्णदोवाचार्य को हर संभव मदद करने का और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए प्रदेश शासन से वार्ता करने का भरोसा दिया।