जिला जेल में बंद भाइयों के मस्तक भाईदूज पर्व पर बहनों के लगाए गए तिलक से सुशोभित हो उठे। जिला जेल में बंद 1380 कैदियों में से 900 कैदियों से मिलने उनकी करीब दो हजार बहनें पहुंची। मिलने के बाद बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक कर मिठाई खिलाई, इस दौरान दोनों की आंखें नम हो गईं।
यमद्वितीय पर्व पर जेल में बंद अपने भाइयों से मिलने के लिए दूर दराज से बहनें शुक्रवार को तड़के ही जिला जेल गेट पर पहुंच गईं और लाइन में लग गईं। जेल प्रशासन ने सुबह आठ बजे से मिलाई कराने की प्रक्रिया शुरू की। शाम चार बजे तक चली मिलाई के दौरान बहनों ने भाइयों के माथे पर रोली का तिलक लगाकर आरती उतारी और फिर मिठाई खिलाकर उनकी लंबी आयु और जल्द रिहाई की कामना की।
हाथरस के बिसावर गांव से जेल में अपने भाई धर्मवीर से मिलने के लिए आई कुसुम अपने भाई को देख रो पड़ीं, धर्मवीर की पत्नी कमलेश और साथ आई दो बेटियां संगीता और सपना भी अपने पति और पिता से मिलकर आंसू नहीं रोक पाईं। इसके बाद कुसुम ने अपने भाई के माथे पर तिलक लगाकर उन्हें मिठाई खिलाई।
व्यवस्थित करने में लगी रही पुलिस
बहनों की भीड़ को देखते हुए महिला थाना और सदर थाना पुलिस व्यवस्थित करने के लिए लगी हुई थी। साथ ही जेल परिसर में रह रही पीएसी और जेल पुलिस भी जेल पर मुस्तैद रही। जेल प्रशासन की ओर से बैरीकेडिंग कराकर बहनों को व्यवस्थित किया गया। इस दौरान जेल सुपरिंटेंडेंट पीडी सलोनियां, जेलर पीएस शुक्ला और जेल स्टाफ ने बहनों के ले जाए गए सामान की तलाशी कराई।