निजी अस्पताल से मथुरा उपचार के लिए जाते भागवताचार्य मृदुलकांत शास्त्री।
वृंदावन। भागवताचार्य की रविवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें नगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत में सुधार न होने पर जिला अस्पताल ले जाया गया। ईएनटी सर्जन न होने पर घटना के तीसरे दिन भी उनका मेडिकल नहीं हो सका। हालत में सुधार होने पर वह घर पहुंच गए हैं। दो दिन पहले दिल्ली के कार सवारों से उनका विवाद हुआ था,बताया जा रहा है कि हमले में उन्हें अंदरूनी चोटें आई हैं।
रविवार रात करीब दो बजे पत्थरपुरा स्थित घर पर भागवताचार्य मृदुल कांत शास्त्री की तबीयत बिगड़ गई। उनके अनुसार तेज दर्द के साथ सांस लेने परेशानी होने लगी। पड़ोस के लोगों एवं शिष्यों द्वारा उन्हें अटल्ला चुंगी स्थित निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें ऑक्सीजन देने के साथ ही उपचार किया। हालत में सुधार न होने पर सोमवार को डॉक्टर ने मथुरा के लिए रेफर कर दिया। जिला अस्पताल पहुंचे भागवताचार्य की उपचार के बाद हालत में सुधार आया है।
शनिवार को बस स्टैंड के सामने दिल्ली निवासी लोगों की कार उनकी कार से टकरा गई थी। विवाद में कार सवार लोगों ने उन पर हमला बोल दिया था। आरोप है कि उनके गले से स्वर्ण जड़ित रुद्राक्ष की माला भी वह तोड़कर ले गए थे। पुलिस ने मामले में भागवताचार्य की तहरीर पर आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। मजिस्ट्रेट ने सभी आरोपियों को जमानत दे दी। मृदुल कांत शास्त्री ने बताया कि हमले में उनके अंदरूनी चोटें आई हैं। उनका पूर्व में गाल ब्लेडर का ऑपरेशन हो चुका है। उसमें फिर से दर्द होने लगा है।