रूस की महिला पर्यटक सासा और लीजा रविवार को कालीदह परिक्रमा मार्ग स्थित प्राचीन करौली घाट पहुंची तो यहां की वास्तुकला और नक्काशी आदि देखकर मोहित हो गईं। उन्होंने यहां आराम से बैठकर इस सुंदरता को कैनवास पर उकेरा।
सासा और लीजा ने बताया कि वृंदावन के यमुना तट पर बने प्राचीन घाटों में जो कलाकृतियां और नक्काशी है वह अन्य कहीं देखने को नहीं मिलती। भारतीय पच्चीकारी को पत्थर पर उकेरना अपने आप में एक कला है। यह कला विश्व में अपना विशेष स्थान रखती है।