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Braj Ki Hoi 2026: बरसाना की गलियों में होली का उल्लास, पहली चौपाई में जमकर उड़ा गुलाल; जानें कब है लठामार होली

Sun, 15 Feb 2026 09:22 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

बरसाना में पहली चौपाई के साथ विश्वविख्यात लठामार होली का शुभारंभ हुआ, जहां गोस्वामी समाज ने होली के पद गाकर माहौल को भक्तिरस में रंग दिया।
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लठामार होली की पहली चौपाई - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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 राधाकृष्ण की लठामार रंगीली होली की परंपरा का शुभारंभ पहली चौपाई के साथ होते ही राधारानी की नगरी रंग, रस और भक्ति में सराबोर हो गई। संध्या आरती के बाद लाडली जी महल से निकली पहली चौपाई के साथ ढप, मृदंग, और झांझ की थाप पर गोस्वामी समाज के लोग नाचते गाते आगे बढ़े। अबीर और गुलाल की उड़ान ने वातावरण को रंगीन बना दिया और रंगीली गली से लेकर रंगेश्वर महादेव तक होली के पदों की गूंज सुनाई देती रही।
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बसंत पंचमी के बाद से ही बरसाना में होली का रंग चढ़ने लगता है। इसी परंपरा के क्रम में निकली पहली चौपाई में गोस्वामीजन भाव विभोर होकर पद गाते नजर आए। हर मोड़ पर भक्ति और रस का दृश्य सजीव होता चला गया। श्रद्धालु भी पदों की धुन पर थिरकते दिखे और चौपाई के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते रहे।

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मान्यता के अनुसार शिवरात्रि के दिन राधारानी अपनी सखियों संग संकेतवट नहीं जातीं। इसी दिन श्रीकृष्ण छद्म वेश धारण कर राधारानी के दर्शन को आते हैं, लेकिन सखियां उन्हें पहचान लेती हैं। रंगीली गली में कृष्ण को घेरकर रंग गुलाल से सराबोर किया जाता है और नंदभवन की ओर लौटाया जाता है। इसी लीला की स्मृति में गोस्वामी समाज लाडली जी महल से दादी बाबा होते हुए रंगीली गली स्थित रंगेश्वर महादेव तक चौपाई निकालता है।
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पहली चौपाई के दौरान होली के पदों का गुणगान सुन श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। रंगों में सराबोर होकर लोग नाचते गाते रहे और बरसाना की गलियां भक्ति, रस और परंपरा के संगम का सजीव दृश्य बन गईं। परंपरा के अनुसार अगली चौपाई लड्डू होली के दिन 24 फरवरी को निकाली जाएगी, जिसके अगले दिन बरसाना में विश्वविख्यात लठामार होली खेली जाएगी।
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