ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के अंदर और बाहर सेवायतों द्वारा लकड़ी की टेबल, बेंच, स्टूल-कुर्सी आदि लगाए जाने पर मंदिर प्रशासक ने कड़ी आपत्ति जताई है। मंदिर प्रशासक सिविल जज जूनियर डिवीजन इंद्रजीत सिंह ने इस संबंध में मिली शिकायतों के बाद सेवायतों को नोटिस जारी कर 15 दिन में अपने टेबल, बेंच आदि सामान मंदिर परिसर और चबूतरे से हटाने का आदेश दिया है। प्रशासक के इस आदेश से सेवायतों में खलबली मची हुई है।
प्रशासक ने अपने आदेश में कहा है कि सेवायतों की ओर से किए गए अनधिकृत कब्जे के चलते मंदिर दर्शनार्थ आने वाले देश-विदेश के हजारों श्रद्धालुओं को आगमन और पूजा अर्चना करने में परेशानी होती है, इसलिए तत्काल प्रभाव से अनधिकृत कब्जा हटाया जाना आवश्यक है। उन्होंने सेवायत गोस्वामियों को चेतावनी भी दी है कि यदि 15 दिन में अनधिकृत टेबल, बेंच, स्टूल-कुर्सी आदि सामान नहीं हटाया गया तो ऐसे लोगों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासक का आदेश पत्र मिलते ही मंदिर प्रबंधन भी अपनी तैयारियों में जुट गया है।
जगमोहन में तीन से अधिक लोग न हों
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के जगमोहन में दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा लाए जाने वाले प्रसाद, माला आदि को ठाकुरजी के समक्ष पहुंचाने के लिए जगमोहन में तीन से अधिक लोगों के खड़े होने पर सिविल जज जूनियर डिवीजन ने कड़ी आपत्ति जताई है।
मंदिर प्रशासक ने आदेश जारी किया है कि दर्शन के दौरान ठाकुरजी के गर्भगृह के सामने जगमोहन वाले स्थान पर नियमानुसार दो से तीन व्यक्ति ही सेवाकार्य कर सकते हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ सेवायत तीन से अधिक लोगों को जगमोहन में खड़ा कर सेवा कार्य करा रहे हैं।
इसके चलके दर्शनार्थियों को अपने आराध्य ठाकुर बांकेबिहारी के दर्शन करने में असुविधा होती है। उन्हाेंने कहा है कि यदि पूजा सेवा के दौरान तीन से अधिक व्यक्ति सेवा कार्य करते हुए पाए गए तो सेवायत गोस्वामी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।