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बांके बिहारी मंदिर के शयन भोग के सदस्य ने दिया त्यागपत्र

Mon, 27 Jun 2016 12:04 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
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बांकेबिहारी मंदिर
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मथुरा मुंसिफ की ओर से मनोनीत किए गए तीन बाहरी सदस्यों के मुद्दे पर नाराज चल रहे शयन भोग के सेवायत ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। कमेटी में 7 सदस्यों की संख्या पूर्ण होने पर ही ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी का गठन किया जा सकता है। ऐसे में ठाकुर बांके बिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी का एक जुलाई को होने वाला गठन अधर में लटक गया है।
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ठाकुर बांके बिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी के चार सदस्यों में से शयन भोग के दो पदों के लिए 24 अप्रैल को हुए निर्वाचन के बाद से नाराज चले आ रहे एक सदस्य गौरव गोस्वामी ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। गौरव गोस्वामी वर्तमान में मनोनीत हुए सदस्य निवर्तमान अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश अनिल कुमार शर्मा और श्रीकांत बाबा के मनोनयन के पक्ष में नहीं थे।

उन्होंने और बांके बिहारी के दो आस्थावान भक्तों कृष्णकांत पांडेय और योगेश बाबू अग्रवाल ने सिविल जज जूनियर डिवीजन (मथुरा मुंसिफ) के यहां इस संबंध में वाद प्रस्तुत किया, जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद शनिवार देर शाम सदस्य गौरव गोस्वामी ने मथुरा मुंसिफ को अपना त्यागपत्र सौंप दिया।
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शयन भोग सदस्य पद के लिए सर्वाधिक मतों से निर्वाचित हुए गौरव गोस्वामी ने बताया कि मंदिर की स्कीम की धारा 15 के अनुसार कमेटी में 7 सदस्यों की संख्या पूर्ण होने पर ही मंदिर प्रबंध कमेटी का गठन किया जा सकता है। ऐसे में मेरे त्यागपत्र देने के बाद वर्तमान प्रबंध कमेटी का गठन संभव नहीं है।

उन्होंने आरोप लगाया कि निवर्तमान कमेटी में नंदकिशोर उपमन्यु अध्यक्ष ने ठाकुरजी की संपत्ति को खुर्दबुर्द करने के साथ मंदिर की मानमर्यादा और हितों के विरुद्ध आचरण किया था। ऐसे में उनका मनोनयन उचित नहीं है।

इसीलिए 29 जून को होने वाले कमेटी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव से पूर्व मैंने सदस्य पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने बताया कि वह मनोनीत सदस्यों और पूर्व अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय में याचिका भी दायर करेंगे।  

तय समय पर अस्तित्व में आएगी कमेटी
ठाकुर बांके बिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी के निवर्तमान अध्यक्ष नंदकिशोर उपमन्यु ने कहा है कि सदस्य गौरव गोस्वामी के त्यागपत्र देने से मंदिर प्रबंध कमेटी के गठन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। 29 जून को मोहन बाग में होने वाली बैठक में मंदिर प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों का भी चुनाव कर लिया जाएगा। कमेटी तय समय पर ही अस्तित्व में आएगी। उन्होंने कहा कि रिक्त हुए पद पर शीघ्र ही चुनाव कराया जाएगा। गौरव गोस्वामी के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि उन्होंने अपने अध्यक्ष पद के कार्यकाल के दौरान मंदिर में व्यवस्थाओं को दुरुस्त कर विकास ही कराया है, कोई राजनीति नहीं की।

रिक्त पद पर छह माह में होता है चुनाव
गौरव गोस्वामी के त्यागपत्र के बाद अब कमेटी में राजभोग सेवा के सदस्य रजत गोस्वामी और ब्रजेश गोस्वामी, शयन भोग के दिनेश गोस्वामी के अलावा मथुरा मुंसिफ की ओर से मनोनीत किए गए नंदकिशोर उपमन्यु, अनिल कुमार शर्मा और श्रीकांत बाबा सदस्य पद पर रह गए हैं। बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत प्रह्लाद गोस्वामी ने बताया कि मंदिर स्कीम के अनुसार मंदिर प्रबंधन को रिक्त पद पर 6 माह के अंदर चुनाव कराना होता है। तब तक मंदिर के प्रशासक का अधिकार मथुरा मुंसिफ के पास रहता है।

कमेटी के गठन की ये है प्रक्रिया
ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर नियमावली के अनुसार ठाकुर बांके बिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी के राजभोग और शयन भोग के दो-दो निर्वाचित सदस्य तीन बाहरी लोगों को मनोनीत सदस्य बनाते हैं। चारों सदस्यों में आपसी सहमति न बन पाने की स्थिति में मथुरा मुंसिफ को इन्हें मनोनीत करने का अधिकार है। इस बार ऐसा ही हुआ। बाहरी तीन सदस्यों के मनोनयन के बाद सात सदस्यीय कमेटी में से ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होता है। सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुने जाने के बाद उपाध्यक्ष का चयन कर दिया जाता है। एक जुलाई को सात  सदस्यीय कमेटी के पदाधिकारी शपथ लेकर कार्यभार संभालते हैं।
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