मथुरा। स्वास्थ्य विभाग में पैरासिटामोल के पेमेंट में गड़बड़ी सामने आई है। इसके बाद अधिकारियों ने दवा के लगभग छह लाख के भुगतान पर रोक लगा दी है।
बताया जा रहा है कि कोविड काल के दौरान नवंबर माह में पैरासिटामोल दवा की कमी होने के बाद डिमांड भेजी गई थी। दिसंबर माह में डिमांड जैम पोर्टल पर दी गई और एक ही फर्म को दो ऑर्डर दे दिए गए। इसके बाद दिसंबर में ही फर्म ने दवा स्टोर को भेज दी। इसके बाद पैरासिटामोल की एक गोली के आरसी रेट 80 पैसे के स्थान पर फर्म ने 1 रुपये 28 पैसे का बिल भेज दिया।
क्लोजिंग के दौरान मार्च में मामला प्रकाश में आने के बाद जांच शुरू कर दी गई। इसके बाद फर्म के बिल का भुगतान रोक दिया। दवा स्टोर प्रभारी डॉ.गोपाल गर्ग ने बताया कि खरीद में क्या कमियां हैं, इसका सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन के बाद ही आगे की कार्रवाई होने की संभावना है। लगभग छह लाख का भुगतान होना है।
अभी खरीद संबंधी मामले का सत्यापन कराया जा रहा है। टीम सत्यापन कर रही है। दवा की खरीद उस समय तक नहीं मानी जा सकती जब तक उसका भुगतान ना हो जाए। भुगतान को रुकवा दिया गया है।
डॉ. एके वर्मा, सीएमओ