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संतों ने विवादित टिप्पणी की सीडी सौंपी

Sun, 16 Oct 2016 12:53 AM IST
अमर उजाला वृंदावन
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पुलिस - फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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भगवान कृष्ण की क्रीड़ा भूमि वृंदावन में धार्मिक ग्रंथों और संतों के खिलाफ विवादित टिप्पणी की सीडी संतों ने पुलिस को सौंपी है। संतों ने सीडी में दिए गए बयानों को धार्मिक उन्माद फैलाने वाला बताते हुए पुलिस से मुकदमा दर्ज कर बालेंदू को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। संतों का कहना है कि अगर पुलिस ने ढिलाई बरती और बालेंदू की गिरफ्तारी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन होगा। 
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संतों ने आरोप लगाया कि पुलिस के अधिकारियों द्वारा बालेंदू के आश्रम को दी गई सुरक्षा की आड़ में रात भर नास्तिकों का सम्मेलन हुआ। हालांकि पुलिस इन आरोपों को निराधार बता रही है। चतु: संप्रदाय विरक्त परिषद के महंत फूलडोल बिहारीदास, जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर नवल गिरि, स्वामी गोविंदानंद तीर्थ, महंत सच्चिदानंद दास, संत जयकृष्णदास, मृदुलकांत शास्त्री, श्रीकृष्ण सरस और हिंदूवादी नेता रमेश पुजारी ने कहा कि मामले में गुरुवार को ही पुलिस को तहरीर दे दी गई थी। पुलिस अधिकारियों ने साक्ष्य और बयान की रिकार्डिंग न होने का हवाला दिया।

अब संतों ने पुलिस को बालेंदू के बयानों की सीडी सौंप दी है। बयान देश और समाज हित के विरुद्ध और उन्माद फैलाने वाले हैं। पुलिस को बालेंदू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करना चाहिए। कोतवाली प्रभारी मुनीशचंद्र ने कहा संताें ने उन्हें किसी प्रकार की सीडी नहीं दी है। पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच कर रही है।
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पुलिस, प्रशासन की लापरवाही ने कराया बवाल 
नास्तिक आंदोलन और धर्म ग्रंथों पर विवादित टिप्पणी के मामले में 24 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने ठोस कार्रवाई नहीं की। शुक्रवार दोपहर दो बजे नास्तिक सम्मेलन में भाग लेने के लिए देश भर से लोगों का आने का क्रम जारी था। सम्मेलन का आयोजन होते देख संतों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते सैकड़ों आक्रोशित लोग एकत्रित हो गए और बवाल शुरू हो गया। बवाल के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ आयोजक बालेंदू ने दोपहर 12 बजे मुख्य द्वार बंद किया। 
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