18 दिन की हड़ताल के बाद शुक्रवार को सदर तहसील में एक बार फिर चहल-पहल नजर आई। कर्मचारी और अधिवक्ताओं ने काम किया तो वादकारी भी विभिन्न समस्याओं को लेकर यहां पहुंचे।
चार अप्रैल को अचानक सदर तहसील पर हुए हमले के बाद कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। कलक्ट्रेट वटवृक्ष के नीचे बैठकर कर्मचारियों ने धरना शुरू कर दिया था। इससे सदर तहसील सहित जनपद की सभी तहसीलों में कामकाज ठप होे गया। यह स्थिति 18 दिन तक रही।
बुधवार को डीएम राजेश कुमार से बनी सहमति के बाद लेखपाल संघ ने 10 मई तक हड़ताल वापस ले ली है। इस अवधि में डीएम ने कर्मचारियों की मांग के अनुरूप जवाहर बाग को खाली कराने का आश्वासन दिया है। शुक्रवार को सदर तहसील सहित अन्य विभागों के सभी कार्यालय खुल गए।
सदर तहसील में पीएसी और पुलिस बल की मौजूदगी में वादकारियों ने अफसरों को अपनी समस्याओं से जुड़े शिकायती पत्र सौंपे। लेखपाल सहित तहसील के कर्मचारियों ने भी कामकाज संभाला। इसी के साथ तहसील परिसर में पसरा सन्नाटा अब खत्म हो गया।