वात्सल्य ग्राम के पालना शिशु गृह में शनिवार की सुबह एक युवती अबोध बच्ची को छोड़ गई। बच्ची को वात्सल्य परिवार ने अपना लिया है। लेकिन सुबह के समय लग्जरी गाड़ी में आई युवती द्वारा बच्ची को छोड़कर जाना चर्चा का विषय बन गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शनिवार की सुबह करीब सात बजे वृंदावन की ओर से बिना नंबर की एक सफेद रंग की हाेंडा सिटी गाड़ी वात्सल्य ग्राम के सामने आकर रुकी। कुछ देर के बाद सलवार सूट पहने और दुपट्टे से मुंह छिपाए हुए युवती गोद में बच्चा लेकर गाड़ी से उतरी।
युवती ने बच्चे को लेकर वात्सल्य ग्राम के दाईं ओर बने पालना शिशु गृह में प्रवेश किया और पालने में बच्चे को रख दिया। तभी पालना शिशु गृह में सायरन बज उठा। सायरन की आवाज सुनकर युवती गाड़ी की ओर भागने लगी। सायरन के बजने के बाद युवती को भागते देख वात्सल्य ग्राम के सुरक्षाकर्मी भी युवती के पीछे दौड़े लेकिन युवती गाड़ी में बैठकर मथुरा की ओर निकल गई।
सुरक्षाकर्मियों को देखकर मौके पर उपस्थित कुछ युवकों ने अपनी बाइक से गाड़ी का पीछा भी किया लेकिन तेज गति से भागती गाड़ी का वे कुछ दूर तक ही पीछा कर सके। इसके बाद वात्सल्य परिवार ने बच्चे को अपने अधिकार में ले लिया। तब पता चला कि वह बच्ची है।
बच्ची को नहलाया गया और नए कपड़े पहनाए गए। इसकी जानकारी होने पर मीडियाकर्मी और स्थानीय लोगों का वात्सल्य ग्राम में जमावड़ा भी लगा लेकिन किसी को अंदर प्रवेश नहीं दिया गया।
वात्सल्य ग्राम के मीडिया प्रभारी उमाशंकर राही ने बताया कि रात के अंधेरे में लोग वात्सल्य पालना शिशु गृह में अक्सर अबोध बच्चों को छोड़ जाते हैं लेकिन यह पहला मौका है जब कोई सुबह बच्ची को छोड़ गया। उन्होंने बताया कि बच्ची की उम्र लगभग तीन से चार माह की लग रही है। नामकरण के बारे में उन्होंने कहा कि यह कार्य साध्वी ऋतंभरा के वृंदावन आने के बाद ही किया जाएगा।
इधर, कुछ लोगाें ने बताया कि युवती बच्ची को वात्सल्य ग्राम के गेट पर ही छोड़कर जा रही थी जिसका वहां उपस्थित लोगाें ने विरोध भी किया। इसी विरोध पर युवती गाड़ी में बैठकर चली गई। इस चर्चा को वात्सल्य ग्राम के मीडिया प्रभारी ने सिरे से नकार दिया और कहा कि बच्ची पालना शिशु गृह में मिली है।