भारत को आध्यात्म और आर्थिक स्तर पर विश्व गुरु बनाने का आह्वान करते हुए योग गुरु स्वामी रामदेव ने वात्सल्य महोत्सव में मंच से अपने भावी अभियान बताए।
उन्होंने कहा कि पतंजलि संस्थान आगामी पांच वर्षों में राजधानी दिल्ली के समीप एक लाख की क्षमता वाला विश्वविद्यालय बनाने जा रहा है। देश के प्रत्येक जिले में एक आचार्यकुलम की स्थापना की जाएगी। इन सब पर 25 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। इन विद्यालयों में शिक्षा का माध्यम भारतीय होगा। विज्ञान के साथ वेद-मंत्रों की शिक्षा भी इन विद्यालयों में दी जाएगी।
योग गुरु ने कहा कि आज सारा विश्व भारतीय संस्कृति, सभ्यता और शिक्षा को आत्मसात करने के लिए तैयार है। वे भले ही कालेज और यूनीवर्सिटी में न पढ़े हों लेकिन आने वाले समय में विदेशी विश्वविद्यालयों में बाबा रामदेव की स्टोरी पढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें 2016 से 2050 तक ऐसा माहौल बनाना है जिससे भारत पूरी दुनिया का नेतृत्व करे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि यदि मोदी की तरह उनके मंत्रिमंडल के सभी मंत्री काम करना शुरू कर दें तो अगले 20-25 वर्षों तक किसी दूसरे के बारे में सोचने की जरूरत नहीं है। सामाजिक, आर्थिक, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि मुद्दों पर भारत विश्व में सबसे आगे खड़ा होगा।