मथुरा। ऑटो और ई-रिक्शा चालकों द्वारा मनमाना किराया वसूलने पर रोक लगाने में परिवहन अधिकारी व पुलिस दोनों के पास कोई योजना नहीं है। जिम्मेदार अफसर अब तक अलग-अलग रूटों के लिए न तो किराया तय कर सार्वजनिक जगहों में चस्पा कर सके और न ही ऑटो में मीटर लगा सके। अधिक किराए के पैसे मांगने पर आए दिन विवाद भी हो रहा है और जाम लग रहा है।
ऑटो का किराया निर्धारित नहीं होने के कारण लोगों से मनमाफिक किराया वसूला जा रहा है। इस बात की जानकारी जिम्मेदार अफसरों को भी है, लेकिन इसके बावजूद किराए को लेकर कोई उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। रेलवे जंक्शन के बाद बीते एक दिन पूर्व मंगलवार को गोरखपुर से आए श्रद्धालु जन्मभूमि घूमने के लिए जा रहे थे उन्होंने ऑटो चालक ने किराया 220 रुपए लिया।
जबकि जंक्शन से जन्मभूमि की दूरी महज ढाई से तीन किलोमीटर है। इसके बाद यात्री ने शिकायत पुलिस से की। इसके अलावा द्वारिकाधीश मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं से कई बार किराए को लेकर विवाद हो चुके हैं। यात्रियों का कहना हैं कि विभाग सभी रूटों के लिए किराया तय कर दे, जिससे यात्रियों से अधिक किराया न वसूला जाए। जिले में 15 हजार ई-रिक्शा और 25 हजार से अधिक ऑटो संचालित हो रहे हैं।
सड़क पर खड़ा करते हैं ई-रिक्शा
शहर के होली गेट चौराहे स्थित दुकानदार आशुतोष, दिलीप, नीरज ने बताया कि ऑटो व ई-रिक्शा चालक जहां मन होता वहां पर खड़े होकर सवारियां बैठाने लगते हैं ऐसे में प्रतिदिन मुख्य बाजार से लेकर तिराहे और चौराहे पर जाम लगता है। उन्होंने बताया कि कई बार सवारी बैठाने के बाद रुपये अधिक मांगने को लेकर विवाद भी हो चुका है।
ऑटो का किराया दूरी से हिसाब से तय किया जाए। इसके साथ ही इनके रुकने का स्थान भी बनाया जाए।
- नरेश पाल, व्यापारी
ऑटो और ई-रिक्शा चालक मनमाना किराया वसूलते हैं। यातायात विभाग इनकी किराया सूची तय करके जारी करें।
- हेमेंद्र वर्मा, व्यापारी
- परिवहन विभाग के साथ सभी रूटों पर ऑटो, ई-रिक्शा का दूरी के हिसाब से किराया तय किया जाएगा। जल्द ही इसके लिए बैठक होगी।
-मनोज कुमार यादव, एसपी यातायात