बताया गया कि बदमाश छात्र को लेकर टैंक चौराहे के निकट पहुंचे। बच्चे को अचेत समझकर वे खाने-पीने का कुछ सामान लेने के लिए गाड़ी से उतर गए। इसी बीच दीपेश को होश आ गया। अपने आप को अजनबी जगह पर कार में पड़े देखा तो वह मौका पाकर शहर की ओर भाग निकला। बच्चे ने भीड़ भरे इलाके में जिला अस्पताल को अपने लिए सुरक्षित समझा।
पार्किंग में संचालित कैंटीन पर पहुंच गया। घबराए बच्चे ने कैंटीन संचालक विक्की सैनी को बताया कि उसके साथ घटना हुई है। उसके पापा से मोबाइल पर बात करवा दो। कैंटीन संचालक ने समय गंवाए बिना इसकी सूचना अस्पताल परिसर में स्थित पुलिस चौकी प्रभारी विजय कुमार को दी।चौकी प्रभारी ने छात्र द्वारा बताए गए नंबर पर फोन किया तो पूरा परिवार हक्का-बक्का रह गया। परिजन सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंच गए। पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी है। घटना से टाउनशिप और उससे लगी कालोनियों में दहशत की स्थिति बनी हुई है।
पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी कैमरे
पुलिस सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है। पुलिस को अभी तक घटना की फुटेज में कोई कार नहीं मिली है। दीपेश पैदल जाते हुए देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दीपेश बार-बार अपने बयान बदल रहा है। इससे घटना संदिग्ध प्रतीत हो रही है।
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