मथुरा। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष निर्भय पांडेय के कोसीकलां स्थित निवास पर हरियाणा के शूटरों के साथ मिलकर हिस्ट्रीशीटर लोकेश पंडित ने फायरिंग की। इस दुस्साहसिक वारदात के एक पखवाड़े बाद भी षड्यंत्र का खुलासा नहीं हो सका है। मुख्य आरोपी को भी दिल्ली से मथुरा तक नहीं लाया जा सका है। तत्कालीन थानेदार की संदिग्ध भूमिका भी सामने आई थी। वारदात में शामिल रहे 2 लोगों को अभी तक पुलिस जेल भेज चुकी है, लेकिन खुलासा अभी बाकी है
कोसीकलां में 24 सितंबर की शाम को बदमाशों ने भाजपा जिलाध्यक्ष के घर को निशाना बनाकर गोलियां चलाई थीं। इस वारदात के दौरान कैबिनेट मंत्री के भतीजे नरदेव चौधरी भी जिलाध्यक्ष के घर में मौजूद थे। दुस्साहसिक वारदात में कोसी थाने के हिस्ट्रीशीटर लोकेश पंडित सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था। लेकिन कोसीकलां के तत्कालीन इंस्पेक्टर अरविंद कुमार निर्वाल की भूमिका संदिग्ध पाई गई। घटना के कई दिन बाद मुख्य आरोपी लोकेश पंडित ने हरियाणा के एक गुर्गे के साथ दिल्ली पुलिस के दरोगा की सांठगांठ से दिल्ली में समर्पण कर दिया और जेल चले गए। मथुरा पुलिस हाथ मलती रह गई। एसएसपी ने मामले की जांच करवाई गई तो स्थानीय पुलिस की भूमिका ही संदिग्ध पाई गई। उन्होंने इंस्पेक्टर और दो दरोगाओं को निलंबित करके जांच शुरू करा दी। इसके बाद भी पुलिस केवल घटना में शामिल बदमाशों को जेल भेजने तक ही सीमित रही।
वारदात के पीछे राजनीतिक कारण रहे या फिर यह पूरी तरह आपराधिक षड्यंत्र था। इसका खुलासा आज तक नहीं हो सका है। मुख्य आरोपी लोकेश पंडित दिल्ली की जेल में है। पुलिस उसे दिल्ली से पूछताछ के लिए मथुरा नहीं ला सकी है। मुख्य आरोपी से पूछताछ के बाद भी पूरे षड्यंत्र का खुलासा हो सकता है। हरियाणा से शूटर को घटना में शामिल करने के पीछे क्या मकसद रहा? बदमाशों ने कितने दिन तक रैकी की? कई सारे सवाल अभी तक अनसुलझे हैं। जिनके जवाब मिलने पर ही वारदात का वास्तविक खुलासा हो सकेगा। पुलिस ने जिन 2 आरोपियों को जेल भेजा है। उनकी भूमिका क्या रही। साजिशकर्ता को भी गिरफ्तार किया था। साजिशकर्ता ने साजिश क्यों की, उसका मकसद क्या था। यह सारे सवाल अभी तक अनसुलझे ही हैं। लोकेश पंडित और हरियाणा को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी अभी तक नहीं हो सकी है।
कुछ दिन में स्पष्ट हो जाएगा सब कुछ
घटना के बाद थोड़ा परेशान था, लेकिन पुलिस के खुलासे से कोई दिक्कत नहीं है। जो कुछ चीजें रह गई हैं वह कुछ दिनों में पुलिस की जांच में स्पष्ट हो जाएंगी।- निर्भय पांडेय, जिलाध्यक्ष, भाजपा