मथुरा। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सीटों के बंटवारे को लेकर भाजपा एवं रालोद सिपहसालारों के बीच जोरआजमाइश शुरू हो गई है। बंटवारा हुआ तो भाजपा की तीन विधानसभा सीटों पर राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। इसे देखते हुए टिकट के दावेदारों ने बूथ स्तर तक पकड़ मजबूत करने के साथ ही लखनऊ और दिल्ली के चक्कर तेज कर दिए हैं। पुराने कई सूरमा भी अचानक सक्रिय हो गए हैं।
वर्तमान में मथुरा की सभी पांचों सीटों बलदेव, मांट, छाता, गोवर्धन और मथुरा-वृंदावन पर भाजपा के विधायक हैं। इस समय रालोद और भाजपा का गठबंधन है और मथुरा रालोद का गढ़ रहा है। ऐसे में उसका दावा भी विधानसभा चुनाव 2027 में यहां मजबूत होगा। संगठनात्मक रणनीति के चलते मथुरा की तीन सीटों पर बदलाव की चर्चा जोरों पर है। माना यह जा रहा है कि इनमें से एक सीट तो रालोद के हिस्से में आएगी ही पर रालोद का दावा भी इसके अलावा अन्य दो सीटों पर होगा। यहां भाजपा भी नया चेहरा उतार सकती है। उधर इन संभावनाओं में अपनी उम्मीद तलाशते हुए कई दिग्गजों ने ताल ठोकना शुरू कर दिया है।
कोई संगठन के वरिष्ठ नेताओं से संपर्क साध रहा है तो कोई अपने राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव का आकलन प्रस्तुत करने में जुटा है। समर्थकों के माध्यम से भी ताकत दिखाने की कोशिशें तेज हैं। उधर, भाजपा चुनावी तैयारियों को लेकर बूथ स्तर तक फोकस कर रही। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, भाजपा के ब्रज क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष पूरन लाल लोधी समेत अन्य बड़े पदाधिकारी मथुरा की नब्ज टटोल चुके हैं। अब रविवार को जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने चुनावी रणनीति को लेकर पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं से चर्चा की। इसमें बूथ समितियों की सक्रियता, संगठन की मजबूती और कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोली।
वरिष्ठ नेता स्थानीय पदाधिकारियों से फीडबैक लेकर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की और संगठनात्मक कमियों को दूर करने पर मंथन हुआ। भाजपा जिलाध्यक्ष निर्भय पांडेय ने बताया कि सीट शेयरिंग पार्टी हाईकमान तय करेगा। हालांकि पार्टी के निर्देशन में जिले के सभी कार्यकर्ता व पदाधिकारी बूथों को मजबूत करने में जुटे हैं। वहीं रालोद जिलाध्यक्ष प्रीतम सिंह प्रमुख ने का कहना है कि पहले से राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लोग पलायन कर अब शहर ओर रुख कर रहे हैं। जहां तक सीट शेयरिंग की बात है उसे पार्टी तय करेगी। उन्होंने एक से अधिक सीट पर दावा पेश करने का संकेत दिया है।