मथुरा। गर्मी बढ़ने के साथ ही तेजी से नाक से खून आने के मामले भी बढ़े हैं। नाक से खून आना यानी नकसीर फूटना। चिकित्सकों का कहना है कि गर्मियों में यह परेशानी कई लोगों के साथ हो जाती है, जिसमें छोटे बच्चे व युवाओं की संख्या अधिक है। जिला अस्पताल में इस तरह के प्रतिदिन 15 से अधिक मरीज आ रहे हैं।
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. अमिताभ पांडे ने बताया कि तापमान बढ़ने की वजह से हवा की नमी काफी कम हो जाती है, जिसकी वजह से नाक में मौजूद छोटी ब्लड कैपिलरीज फट जाती हैं और खून आने लगता है। वहीं, गर्मियों में नाक के अंदर खुसक हो जाने से पपड़ी बन जाती है, जिसकी वजह से खुजली होती है। बार-बार अंगुली डालने या नाक रगड़ने से पपड़ी फट जाती है और ब्लीडिंग शुरू हो जाती है।
हालांकि नाक से खून आने पर ज्यादा घबराने की बात नहीं है, लेकिन नियमित सफाई जरूरी है। क्योंकि अधिक खून आने पर कई बार सांस की नली में खून जाने का खतरा बढ़ जाता है। इससे दिक्कत हो सकती है। खून न रुकने पर तत्काल प्रभाव से चिकित्सकों से परामर्श लें। नाक को तरल रखना ही इसका सबसे अच्छा उपाय है। इसके लिए दिन में दो बार सरसों के तेल में कपूर डालकर दो-दो बूंद नाक में डाल सकते हैं।
शीतवीर्य आहार बेहद फायदेमंद
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. गोपाल सिंह ने बताया कि नकसीर फूटने की दिक्कत से बचने के लिए शीतवीर्य आहार बेहद फायदेमंद है। इसमें चावल की मीठी खीर, छिलका युक्त मूंग, ताजा दही, लौकी, आम जैसी ठंडी तासीर वाली वाले खाद्य पदार्थों व पेय पदार्थों का सेवन करें। गाय के देशी घी की एक बूंद प्रतिदिन नाक में डालनी चाहिए, जिससे नाक में गंदगी न जमे।