तप, त्याग, संयम के साथ यदि मनुष्य धर्म के अनुसार कर्म करता है तो ईश्वर उसकी तपस्या का फल जरूर देते हैं। जीवन में सफल व्यक्तित्व कठिन परिश्रम से ही प्राप्त होता है। ये विचार सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान और योगऋषि स्वामी रामदेव के गुरु आचार्य बल्देव महाराज ने व्यक्त किए।
वे मथुरा-वृंदावन मार्ग, मसानी चौराहा स्थित गुरु विरजानंद आर्य ट्रस्ट वेद मंदिर में चल रहे चतुर्थ परायण यज्ञ के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
वेद मंदिर के अधिष्ठाता आचार्य स्वदेश महाराज ने कहा कि वेद मंदिर आर्य समाज का केंद्र बिंदु है। देश में हुई हर क्रांति का उदय मथुरा से ही हुआ है। इस दौरान वेद मंदिर में वंशीधर अग्रवाल की स्मृति में नवनिर्मित आचार्य प्रेमभिक्षु भवन, सत्य प्रकाशन का लोकार्पण सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रधान आचार्य बल्देव महाराज, आचार्य स्वदेश, आचार्य ब्रजेश, आचार्य ऋषिपाल, सुरेशचन्द्र आर्य, महेश अग्रवाल और विनोद अग्रवाल ने किया।
आचार्य बल्देव ने सत्यप्रकाशन का निरीक्षण कर आचार्य प्रेमभिक्षु महाराज द्वारा लिखित साहित्य को देखा। यज्ञ के ब्रम्हा आचार्य ब्रजेश शास्त्री ने यज्ञ की महिमा पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में सत्यप्रिय आर्य प्रधान, कृष्णवीर शर्मा, डा. सत्यप्रकाश अग्रवाल, ब्रजभूषण गोयल, विपिन बिहारी आर्य, रमेशचन्द्र आर्य, भगत सिंह वर्मा, सुनीता नौहवार, अर्चना प्रिय आर्य, वंदना प्रिय आर्य, डा. कपिल प्रताप सिंह आदि उपस्थित रहे।