आर्यसमाज की ओर से मंगलवार को आयोजित सुख समृद्धि महायज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने आहुति दी। स्वामी दयानंद भवन में पत्नी सहित बैठे यजमान सभी के आकर्षण का केंद्र बने। करीब दो घंटे पूरा परिसर ओम ध्वनि से गुंजायमान रहा।
कार्यक्रम में आर्य समाज के प्रधान वेदप्रकाश आर्य कोटवनिया, संयोजक शरद गिडोहिया ने बताया कि इस यज्ञ का सबसे बड़ा उद्देश्य विश्व शांति है। पतंजलि योग पीठ के जिला प्रभारी डा. अमर सिंह पौनिया ने कहा कि प्रकृति अपना रौद्र रूप दिखा रही है, जानलेवा बीमारिया फैल रही हैं। प्रदूषण भी बढ़ रहा है। राजेंद्र आर्य, गजेंद्र सिंह, ओमप्रकाश आर्य, विजय आर्य ने कहा कि अशांति, व्याकुलता और परेशानियों से बचने के लिए यज्ञ बहुत जरूरी है। यज्ञ से वातावरण भी शुद्ध होता है।
महायज्ञ के पश्चात प्रवचन में आनंद पुरुषार्थी ने कहा कि हमें अपने आत्म गौरव को समझना चाहिए। आर्य विद्वान रामचंद और बालकिशन ने कहा कि स्वामी दयानंद ने वेद के प्रचार के लिए प्रयास किया, जो एक कल्याणकारी कार्य था। आचार्य रामचंद बेधड़क ने कहा कि वेद की आज्ञा की अवहेलना पर व्यक्ति का पतन निश्चित है। कार्यक्रम में तेजप्रकाश आर्य, वीरेंद्र आर्य, ज्ञानप्रकाश आर्य, राजेंद्र आर्य, महेश आर्य आदि थे।