श्री बांकेबिहारी मंदिर जाने वाले मार्ग पर लगी भीड़।
वृंदावन। श्री बांकेबिहारी मंदिर में भीड़ प्रबंधन करना चुनौती बना हुआ है। सोमवार को मंदिर में करीब एक लाख से अधिक दर्शनार्थियों के पहुंचने के कारण हालात खराब रहे। गलियों में भीड़ के बीच दबकर महिलाओं और बच्चों की चीखें निकल गईं। हाईपावर्ड कमेटी के तमाम दावे हवाई साबित हो रहे हैं। श्रद्धालुओं को रोजाना ही बदइंतजामी से जूझना पड़ रहा है। पुलिसकर्मी भी मूकदर्शक ही बने रहते हैं।
सोमवार को भीड़ में छोटे बच्चे और महिलाएं दब गईं। उनकी चीखें निकल गईं। गलियों से निकलकर जब दर्शनार्थी मंदिर परिसर में पहुंचे तो यहां पैर रखने के लिए भी जगह नहीं बची थी। लोग दर्शन के लिए एक दूसरे में चढ़े जा रहे थे। मंदिर में कुछ महिलाओं ने युवकों को डांट भी लगाई।
श्री बांकेबिहारी मंदिर के जगमोहन में दर्शन के लिए हाईपावर्ड कमेटी ने आदेश दिए थे कि महिलाओं और पुरुषों की जगह अलग-अलग होगी, लेकिन मंदिर में ऐसा कुछ देखने को नहीं मिला। जगमोहन में महिलाओं की जगह पर पुरुष जा रहे थे, उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं था।
दरअसल कार्तिक मास में ठाकुर जी के दर्शन के लिए वृंदावन में भीड़ उमड़ रही है, लेकिन पुलिस प्रशासन से लेकर मंदिर प्रशासन के पास भीड़ प्रबंधन का कोई पुख्ता उपाय नहीं है। नगर की गलियों में पैदल चलना भी किसी युद्ध को जीतने से कम नहीं रह गया है। भीड़ में फंसे लोग एक दूसरे को धक्का देने की कोशिश करके आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं।