सीबीआई अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाले युवक से वृंदावन पुलिस के साथ ही एलआईयू और आर्मी इंटेलीजेंस ने भी पूछताछ की। पुलिस जांच में युवक के कब्जे से मिले कागजातों की पड़ताल की जा रही है। इसकी रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय और रक्षामंत्रालय भेजी जाएगी। पुलिस की दो टीम युवक के जयपुर और कांशीराम नगर ठिकानों पर जांच करने भेजी गई हैं।
मोतीझील क्षेत्र से शनिवार शाम लोगों की शिकायत पर पुलिस ने फर्जी सीबीआई अधिकारी राजदीप उर्फ लवकुमार पांडेय निवासी पटियाली, कांशीराम नगर को हिरासत में लिया था। उसके कब्जे से पुलिस ने चार मोबाइल, दर्जन भर सिम, लैपटॉप, डेविट कार्ड, प्रमोशन लैटर, वोटर आईडी, सीबीआई का आईकार्ड बरामद किया था। रविवार को आर्मी इंटेलीजेंस के अधिकारियों और एलआईयू के अधिकारियों ने भी उससे पूछताछ की।
पुलिस की जांच में सामने आया कि वोटर आईडी कार्ड पर राजस्थान के जयपुर का पता था, जबकि लवकुमार पांडेय कांशीराम का रहने वाला है। पता चला कि ठगी का आरोपी लवकुमार धनाड्य परिवार का और कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व अध्यक्ष का चचेरा भाई भी है।
इधर पुलिस की एक टीम कांशीराम नगर और जयपुर भी ठगी के आरोपी की पड़ताल करने के लिए गई है। कोतवाली प्रभारी का कहना है कि आरोपी के वृंदावन में रहने वाले मददगारों और परिचितों की भी जांच की जा रही है। साथ ही इसके पूर्व का आपराधिक रिकार्ड भी खंगाला जा रहा है।