प्रादेशिक चिकित्सा सेवा संघ ने महिला अस्पताल से नवजात के लापता होने के मामले में सीएमएस के खिलाफ एफआईआर पर कड़ी आपत्ति जताई है। पुलिस-प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। चिकित्सकों ने कोतवाल और शाम को डीएम से मुलाकात कर अपना मांग पत्र सौंपा है।
बुधवार को सुबह प्रादेशिक चिकित्सा सेवा के अध्यक्ष डा. पीके गुप्ता की अध्यक्षता में महिला अस्पताल में बैठक की गई। इसमें कहा गया चिकित्सकों का काम स्वास्थ्य सेवाएं देना है ना कि सुरक्षा करना।
मामले में पुलिस ने सीएमएस और स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली जो चिकित्सकों के साथ गलत व्यवहार है। सचिव डा. मुनेंद्र ने कहा कि अगर 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट निरस्त नहीं हुई तो कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया जाएगा।
इस अवसर पर सीएमएस डा. बीडी भास्कर, डा. केपी गर्ग, डा. देवेंद्र अग्रवाल, विजेंद्र सिंह, प्रवीन अग्रवाल, डा. मीनाक्षी, कल्पना तोमर आदि थे। चिकित्सकों के दल ने दोपहर में कोतवाल सीबी सिंह और शाम को डीएम राजेश कुमार से मुलाकात कर अपनी बात रखी। डीएम ने चिकित्सकों को आश्वस्त किया है।
भाजपा महिला मोर्चा ने सुनाई खरी खोटी
मथुरा। महिला अस्पताल से नवजात के लापता होने के बाद बुधवार को भाजपा मोर्चा ने महिला अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया।
इस अवसर पर मोर्चा की अध्यक्ष डा. दीपा अग्रवाल ने कहा अस्पताल परिसर से बच्चे का लापता होना शर्मनाक है। पूरी तैयारी से पहुंची महिला कार्यकर्ताओं को देख चिकित्सक और स्टाफ अपनी कुर्सियां छोड़कर इधर-उधर हो गए।
इस दौरान महिला अस्पताल में ताले डाल दिए गए। इसके चलते मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। पीएमएस एसोसिएशन के सचिव डा. मुनेंद्र ने बताया कि महिला मोर्चा काली स्याही आदि लेकर तैयारी के साथ आया था, इसी के चलते चिकित्सकों ने मरीजों को देखना बंद कर दिया।