डेढ़ हजार रुपये में कोई भी पुलिस वाला बन सकता है। 800 रुपये की खाकी पेंट, 500 की शर्ट और 250 रुपये में फीते, बेल्ट और कंधे पर लगने वाली यूपीपी की प्लेट, बस तैयार हो गई पुलिस। पुलिस की वर्दी बेचने वाली किसी भी दुकान पर चले जाइए और खरीद लीजिए।
पंजाब की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली नाभा जेल से एक आतंकी समेत छह कैदियों को छुड़ा ले जाने वाले भी पुलिस की वर्दी में ही पहुंचे थे। पुलिस वर्दी में यह कोई पहली घटना नहीं है। आतंकियों ने भी इस वर्दी का प्रयोग किया था, लेकिन सिस्टम फिर भी नहीं जाग रहा है। पुलिस की वर्दी बेचने वाली दुकानों से बगैर किसी पहचान और आईडी के कपड़े दिए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस की प्लेट दी जा रही है।
मथुरा में पुलिस की वर्दी बेचने वाली करीब तीन दुकान हैं। प्रदेश के हर शहर में इस प्रकार की दुकानें मिल जाएंगी। होना तो यह चाहिए कि इन दुकानों से पुलिस की वर्दी उसी शख्स को दी जाए जो आईडी लेकर पहुंचे, पुलिस का पहचान पत्र हो। लेकिन दुकानों पर कहीं नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। जब कोई वारदात होती है तो पुलिस थोड़ी चौकसी दिखाती है वरना फिर वही व्यवस्था हो जाती है। अब नाभा जेल तक पहुंचने वाले 10 हमलावर पुलिस की वर्दी में थे तो जाहिर है कि इन लोगों ने किसी दुकान से ही वर्दी को खरीदा होगा।
पुलिस की वर्दी
खाकी पेंट-700
खाकी शर्ट-500
प्लेट, फीता और बेल्ट-250 रुपया
बदमाशों पर भी पकड़ी जा चुकी है वर्दी
रिटायर डीजीपी एके जैन ने बताया कि पुलिस, आर्मी, बीएसएफ और कमांडो की वर्दी बाजार में बिक रही है। इस प्रकार के कई मामले सामने आ चुके हैं। बदमाश तक पुलिस की वर्दी पहनकर घटनाएं कर चुके हैं। रिटायर डीजीपी ने बताया कि यह बहुत संवेदनशील विषय है। सरकार को सक्रिय होना चाहिए। जो ड्रेस बेचने वाले हैं उन पर अंकुश लगना चाहिए। पुलिस अधिकारियों को चाहिए कि वह इसके लिए नियमित चेकिंग कराएं।
प्रदेश की जेलों में अलर्ट
पंजाब की जेल से बंदियों को छुड़ा ले जाने की घटना को देखते हुए एडीजी कारागार ने प्रदेश की सभी जेलों को चौकस कर दिया है। निर्देश दिए गए हैं कि मिलाई के वक्त भी सावधानी बरती जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।