गोवर्धन (मथुरा)। स्वर्ण-रजत जड़ित पोशाक, गले में मोती-माणिक्य की माला, माथे पर मोर मुकुट और हाथ में बांसुरी। श्रीगिरिराजजी की छवि को भक्तों ने देखा तो निहारते रह गए। समुद्र की थीम के बीच विराजे प्रभु की छवि के दर्शन कर हर कोई भावविभोर नजर आया।
सोमवार को श्री गिर्राजजी सेवा मंडल (आगरा) द्वारा गिरिराज तलहटी में दिव्य एवं भव्य छप्पन भोग का आयोजन किया गया। महोत्सव स्थल पर देशी-विदेशी पुष्प प्राकृतिक सुंदरता का अहसास करा रहे थे। जगमगाती झालरें, पानी में चलते रंगीन-फुब्बारे और लटकी लता-पताकाओं और फल-फूलों से पूरा वातावरण मनमोहक नजर हो गया। गिरिराजजी के दर्शन सामूहिक आरती के बाद खोले गये। दिव्य छप्पन भोग महोत्सव में दर्शनों के लिए सैलाब उमड़ता रहा।
संस्थापक नीतेश अग्रवाल व मयंक अग्रवाल ने बताया कि श्रीगिरिराज जी का श्रीनाथजी की शैली में माणिक्य, स्वर्ण-रजत जड़ित आभूषणों से श्रृंगार किया गया। प्रभु के समक्ष 11 टन के भोग छबरियों में निवेदित किए गए। दो दिवसीय महोत्सव में आगरा सहित दूर-दराज से आए भक्तों ने आनंद लिया। दूसरे दिन हजारों साधु-ब्राह्मणों के भंडारा सेवा की गई। शॉल-दुपट्टा एवं दक्षिणा देकर स्वागत किया गया। भजनों ने सभी को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर संत हरिओम महाराज, अध्यक्ष रविंद्र गोयल, महामंत्री अजय सिंघल, पुनीत अग्रवाल, बाल मुकुंद गोयल, नीरज अग्रवाल, मयंक जैन, संतोष मित्तल, नीरज मित्तल, अंकुर अग्रवाल, नरेंद्र गर्ग आदि का सहयोग रहा। संवाद