मथुरा। महर्षि दयानंद सरस्वती जिला चिकित्सालय में शुक्रवार को विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने मधुमेह की रोकथाम के बारे में चर्चा की। वहीं इसके बढ़ते मामलों पर गहरी चिंता भी व्यक्त की।
गोष्ठी में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नीरज अग्रवाल ने कहा कि लोगों ने अपनी सेहत पर ध्यान देना कम कर दिया है। इससे शारीरिक गतिविधियों की कमी और अनियमित खानपान के कारण मधुमेह के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। जो लोग नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियों, जैसे सुबह की सैर में शामिल होते हैं, वह इस बीमारी से बच सकते हैं। उन्होंने बताया कि लोग जीवनशैली में बदलाव करके मधुमेह के खतरे को कम कर सकते हैं। डॉ. सिद्धार्थ धनगर ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 350 मरीज मधुमेह की बीमारी का इलाज कराने के लिए आते हैं।
गोष्ठी में डॉ. रवि माहेश्वरी, डॉ. अमन, डॉ. सुनीता यादव, आवेश कुमार, राज वाला और ब्रजेश कुमारी जैसे चिकित्सा विशेषज्ञों ने भी विचार साझा किए। साथ ही मधुमेह की पहचान और उपचार के बारे में जानकारी दी।