मथुरा। सदर तहसील के सभागार में शनिवार को राजस्व वसूली के लिए बुलाई बैठक का अमीनों ने बहिष्कार कर दिया। बोले यह लेखाबंदी का समय है न कि वसूली का। फिर एक-एक करके सभागार से निकल गए और काम बंद करके प्रदर्शन करने लगे। साथ ही तहसीलदार पर नियम विरुद्ध वसूली के लिए दवाब बनाने का आरोप लगाया।
तहसीलदार जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस माह का 27 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली का लक्ष्य मिला है, लेकिन अब तक मात्र 50 लाख रुपये की ही वसूली हो सकी है। ऐसे में राजस्व वसूली का लक्ष्य पूरा करने के लिए बैठक बुलाई गई। हालांकि बैठक में अमीनों की राजस्व वसूली को लेकर तहसीलदार से कहासुनी हो गई।
इसके बाद अमीनों ने बैठक का विरोध शुरू कर दिया और संगठन के जिलाध्यक्ष छेदालाल यादव के नेतृत्व में प्रथम तल स्थित अपने सभागार में प्रदर्शन करने लगे। जिलाध्यक्ष यादव ने बताया कि शासनादेश के अनुसार एक अक्तूबर से 15 नवंबर तक वसूली न होकर वार्षिक लेखाबंदी का कार्य होता है, लेकिन लेखाबंदी के समय में वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। अमीनों ने कहा कि उन्हें वसूली के लिए संग्रह सेवक भी उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। हालांकि शाम तक अमीनों ने वार्षिक लेखाबंदी के साथ-साथ वसूली का भी कार्य करने पर सहमति जताई है।