भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली वृंदावन में सनातन हिंदू धर्म, भारतीय संस्कृति और भक्ति दर्शन का अध्ययन करने आए अमेरिका की रटगर्स यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों ने बुधवार को नृत्य, गायन और वादन की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देख कर भारतीय संगीत कला का ज्ञान प्राप्त किया।
शीतल छाया कालोनी स्थित जीवा इंस्टीट्यूट में इलाहाबाद से आए गणेश संगीत समिति और ब्रजक्षेत्र के कलाकारों ने एक से एक बढ़कर मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। जिन्हें देखकर विदेशी छात्र-छात्राएं भाव विभोर हो गए।
इसमें सर्वप्रथम गणेश वंदना के बाद कथक नृत्य की प्रस्तुति द्वारा स्वागत गान, भगवान राधाकृष्ण और गोपियों के स्वरूप में ब्रज नृत्यों की मनमोहक प्रस्तुतियां देख विदेशी छात्र-छात्रा मंत्रमुग्ध हो गए। भारतीय संगीत कला पद्धति की हर प्रस्तुति को विदेशी विद्यार्थियों ने सराहा और उसे सीखने के लिए आतुर दिखे।
विदेशी विद्यार्थियों ने इसे अच्छा अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि ऐसा आनंद उन्हें जीवन में कभी नहीं मिला। इन प्रस्तुतियों से उनका हिंदू धर्म के प्रति आदर और बढ़ा है। इन लीलाओं ने उन्हें बखूबी समझाया कि भगवान केवल एक नियंता या कर्मफल देने वाले नहीं, बल्कि आनंद के स्रोत हैं।
इस अवसर पर जीवा इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष डा. सत्यनारायण दास, पद्मनाभ दास, कृष्णचंद्र दास, गोकुलानंद दास, ओपी सिंह सिकरवार, सूरजपाल, जया देवी, कमला देवी, पंडित लटुक प्रसाद, रामकिशन, दयाल, देवेंद्र आदि उपस्थित रहे।