मथुरा के नौहझील में एक बुजुर्ग साधु को बीमारी के चलते ग्रामीणों ने कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया। यहां डाक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार कर मथुरा रेफर कर दिया। दो घंटे बाद तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। उपचार के अभाव में साधु ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक की शिनाख्त कर परिजन को सूचना दी, वे शव को घर ले गए।
बाजना के गांव पचहरा निवासी 75 वर्षीय रामदास साधु हैं। रविवार देर शाम कस्बे के एक शिव मंदिर पर पहुंचे और चबूतरे पर लेट गए। उनको सांस की समस्या होने पर ग्रामीण सीएचसी लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। मथुरा ले जाने के लिए ग्रामीणों ने 108 नंबर पर सूचना दी। एंबुलेंस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुरीर पर खड़ी रही, लेकिन चालक उसे दो घंटे में मात्र 16 किलोमीटर दूर नौहझील तक लेकर नहीं पहुंच पाया। उपचार के अभाव में साधु ने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने मृतक की शिनाख्त हाथ पर लिखे नाम-पते के आधार पर की और सूचना परिजन को दी। ग्रामीण हेमंत, प्रशांत, कपिल, नारायण, मोनू, संतोष आदि ने आक्रोश जताया है। आरोप लगाया कि चालक एंबुलेंस को कस्बे में इधर-उधर घुमाता रहा। अगर समय से एंबुलेंस आ जाती तो साधु की जान नहीं जाती। सीएचसी प्रभारी डॉ. हेमराज सिंह ने बताया कि एंबुलेंस चालक की लापरवाही की शिकायत मिली है। घटना की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक की शिनाख्त कराकर शव परिजन को सौंप दिया है।